
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में हुए एनकाउंटर में सुरक्षा बलों ने 9 कुख्यात नकस्लियों को मार गिराया है, जिनके उपर करीब 59 लाख रुपए का इनाम था. इनमें से एक कुख्यात नक्सली रणधीर के सिर पर अकेले 25 लाख रुपए का इनाम था. वो दंतकर्णया स्पेशल जोनल कमेटी का सकेंड इन कमान था. पूरे इलाके में उसके नाम की दहशत थी. मारे गए 9 नक्सलियों में 6 केवल महिलाएं हैं.
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि इस अभियान ने माओवादियों के पश्चिमी बस्तर और दरभा डिवीजनों को बड़ा झटका दिया है, जिन्हें नक्सलियों का प्रभावशाली संगठन माना जाता है. मानसून के दौरान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद सुरक्षा बलों ने सफलतापूर्वक अभियान को अंजाम दिया. नक्सलियों को उनके गढ़ में नुकसान पहुंचाया.
उन्होंने कहा कि जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 111वीं और 230वीं बटालियन के जवान अभियान में शामिल थे. रणधीर माओवादियों के डीकेएसजेडसी का सदस्य था और उसके सिर पर 25 लाख रुपए का इनाम था. अप्रैल में डीकेएसजेडसी सदस्य जोगन्ना बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था.
डीकेएसजेडसी छत्तीसगढ़ के अलावा आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और महाराष्ट्र में माओवादी गतिविधियों में शामिल है. इस एनकाउंटर में मारे गए सैन्य प्लाटून सदस्य कुमारी शांति, क्षेत्र समिति सदस्य सुशीला मडकम, गंगी मुचाकी, कोसा माडवी, संभागीय समिति सुरक्षा दलम सदस्य ललिता और आंध्र-ओडिशा सीमा विशेष क्षेत्रीय समिति की गार्ड कविता पर 5-5 लाख रुपए का इनाम था.
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नक्सली हिडमे मडकम और कमलेश पर 2-2 लाख रुपए का इनाम था. आईपीएस सुंदरराज ने बताया कि मौके से एक एसएलआर (सेल्फ-लोडिंग राइफल), एक .303 राइफल, दो 12 बोर राइफल, एक 315 बोर राइफल, एक 8 एमएम राइफल, एक बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लांचर), विस्फोटक, दैनिक उपयोग की वस्तुएं और माओवादी साहित्य बरामद की गई है.
आईजी ने बताया कि इस साल अब तक बस्तर संभाग में अलग-अलग मुठभेड़ों में 153 नक्सली मारे गए हैं. इस संभाग में सात जिले कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा शामिल हैं. इसी अवधि के दौरान संभाग में 669 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है और 656 ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने भी सुरक्षा बलों की सराहना की है.