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Noida IT Raid: सोने की ईंटें, हीरे-मोती के जेवरात... लॉकर से कैश के साथ करोड़ों के गहने भी मिले

आयकर विभाग की टीम ने नोएडा के सेक्टर 50 के बंगला नंबर-A6 पर छापेमारी की थी. यह बंगला पूर्व आईपीएस आरएन सिंह का है. बंगले के बेसमेंट में 650 लॉकर मिले है. इन लॉकर में कैश के साथ करोड़ों रुपये के गहने भी बरामद किए गए हैं.

छापेमारी के दौरान बरामद कैश छापेमारी के दौरान बरामद कैश
तनसीम हैदर
  • नोएडा,
  • 03 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 1:20 PM IST
  • नोएडा के लॉकर फर्म पर IT रेड
  • करोड़ों रुपये के गहने बरामद

नोएडा में पूर्व आईपीएस अधिकारी राम नारायण सिंह के घर में मौजूद लॉकर से आयकर विभाग को करोड़ों रुपए कैश ही नहीं सोने और हीरे के जेवरात भी मिले हैं. इन लॉकर में सोने की ईंटें और बिस्किट भी बरामद हुए हैं. इन गहनों की कीमत करोड़ों रुपये में आंकी गई है. इनमें हीरे, मोती, चांदी और सोने के जेवरात शामिल हैं.

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आयकर विभाग की टीम को एक लॉकर में सोने की ईंट भी बरामद हुई है. हैरानी की बात यह है कि इन जेवरात और कैश का कोई दावेदार अभी तक सामने नहीं आया है. सोने की ईंट की कीमत करीब 45 लाख रुपये आंकी गई है, जबकि बाकी के गहने ढाई करोड़ रुपए के बताए जा रहे हैं.

इससे पहले आयकर के छापे में लॉकर से करीब 6 करोड़ बरामद हुए थे. इस कैश का भी हिसाब-किताब देने वाले और दावेदार अभी तक इनकम टैक्स के सामने नहीं आए हैं. लिहाजा इस धन को काला धन मानते हुए जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इसके साथ ही गहनों का भी कोई दावेदार सामने नहीं आया है.

आयकर विभाग सोने के गहने और सोने के बिस्कुट जैसे तमाम ज़ेवरातों को भी सरकारी संरक्षण में ही रखेगा. गौरतलब है कि पूर्व आईपीएस के घर में 650 लॉकर मौजूद हैं, जिनमें करीब 20 लोग लाकर संदिग्ध पाए गए हैं, जिनमें से फिलहाल 6 लॉकर को तोड़कर जांच आगे बढ़ाई गई है.

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क्या है पूरा मामला

तीन दिन पहले आयकर विभाग की टीम ने नोएडा के सेक्टर 50 के बंगला नंबर-A6 पर छापेमारी की थी. ये बंगला यूपी पुलिस में डीजी अभियोजन रह चुके 1983 बैच के रिटायर्ड आईपीएस राम नारायण सिंह का है. इस बंगले के बेसमेंट में राम नारायण सिंह की पत्नी और बेटा मानसम वॉलेट्स के नाम से लॉकर्स किराए पर देते हैं.  

पिछले पांच साल से इस सेफ्टी वॉल्ट में लॉकर किराये पर देने का काम किया जा रहा है. आईपीएस अधिकारी का कहना है कि यह उनका पुश्तैनी काम है. जांच के दौरान इन लॉकर्स के रखरखाव में कुछ यहां अनियमितताएं भी मिली हैं. यहां लॉकर लेने वालों के केवाईसी नहीं मिले, जिन लॉकरों में सामान मिला है, उनके मालिकों से जानकारी ली गई है. 

 

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