
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो की विशेष अदालत ने एक दोषी को 20 साल की सजा सुनाई है और 45 हजार रुपये जुर्माना लगाया है. कोर्ट ने कहा है कि जुर्माने की राशि नहीं देने पर 6 महीने और जेल में रहना होगा. अभियोजन पक्ष की तरफ से 5 लोगों ने गवाही दी. वहीं, बचाव पक्ष की ओर से एक गवाही कराई गई. पीड़िता की तरफ से विशेष लोक अभियोजक अशोक कुमार राय ने अपना पक्ष रखा. दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है.
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आरोपी रामदेव महतो को अदालत ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई है. 376(1) में 7 साल की सजा और 5 हजार का जुर्माना लगाया गया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर 3 महीने और जेल में रहना होगा. इसी तरह सेक्शन 376(3) में 20 वर्ष की सजा और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी. पॉक्सो-4 में कोर्ट ने 20 साल की सजा और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. इसमें भी जुर्माने की राशि नहीं देने पर 6 महीने और जेल में रहना होगा.
ये मामला 2019 का है. रांची के अनगड़ा थाना क्षेत्र में नाबालिग किसी काम से घर से बाहर निकली थी. इसी दौरान रामदेव महतो ने उसके साथ दुष्कर्म किया था. रामदेव महतो ने पीड़िता को घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी. करीब दो साल बाद कोर्ट ने आरोपी को सजा सुनाई है.
आपको बता दें कि 'प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस' यानी POCSO एक्ट नाबालिग बच्चों को यौन शोषण और यौन हमलों से बचाने के लिए बना एक विशेष कानून है.
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