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Darbhanga: कुशेश्वरस्थान के चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर, उड़े हुए हैं अपराधियों के होश

विधानसभा चुनाव को भयमुक्त व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए दरभंगा के कुशेश्वरस्थान के दियरा इलाके में पुलिस और अर्धसैनिक बल की टीम ने मंगलवार को फ्लैग मार्च किया. बाढ़ प्रभावित इस इलाके को अपराधियों का गढ़ माना जाता है, ऐसे में चुनाव के दौरान पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की चौकसी ने यहां अपराधियों के हौसले तोड़ दिए हैं.

चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की नजर (फोटो आजतक) चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की नजर (फोटो आजतक)
प्रह्लाद कुमार
  • दरभंगा,
  • 13 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 9:55 PM IST
  • कुशेश्वरस्थान को कहा जाता है अपराधियों का अड्डा
  • चप्पे-चप्पे पर पुलिस और अर्धसैनिक के जवान तैनात
  • स्थानीय लोगों को मिली बड़ी राहत, अपराधियों के हौसले पस्त

विधानसभा चुनाव को भयमुक्त व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए दरभंगा के कुशेश्वरस्थान के दियरा इलाके में पुलिस और अर्धसैनिक बल की टीम ने मंगलवार को फ्लैग मार्च किया. बाढ़ प्रभावित इस इलाके को अपराधियों का गढ़ माना जाता है, ऐसे में चुनाव के दौरान पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की चौकसी ने यहां अपराधियों के हौसले तोड़ दिए हैं, तो यहां के स्थानीय लोगों में सुकून नजर आ रहा है. 

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दरभंगा जिले का कुशेश्वरस्थान सबसे अधिक बाढ़ से प्रभावित रहता है. माना जाता है कि इसी कारण यहां अपराधी भी शरण लिए रहते हैं, लेकिन इन दिनों अपराधियों के होश उड़े हुए हैं. बिहार चुनाव 2020 को लेकर यहां अर्द्धसैनिक बलों के साथे तीन​ जिलों की पुलिस गश्त कर रही है. मंगलवार को अर्द्धसैनिक बल के साथ पुलिस ने संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च किया. कुशेश्वरस्थान के बीहड़ों में छुपे शराब माफिया और अपराधियों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है.

ये बोले पुलिस अधिकारी 

दरभंगा एसएसपी बाबू राम ने बताया कि दरभंगा, समस्तीपुर और खगड़िया पुलिस के साथ पिछले तीन दिनों से दियारा इलाके में संयुक्त गश्ती और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान में पुलिस को कामयाबी भी मिल रही है. वहीं यहां अपराधियों से डरे सहमे लोगों के बीच भी पुलिस पहुंच रही है. उन्हें यकीन दिलाया जा रहा है कि पुलिस के कड़े सुरक्षाघेरे में वे सुरक्षित हैं.

एसएसपी ने बताया कि दरभंगा जिले को फिलहाल केन्द्रीय सुरक्षा बलों की छह कंपनियां मिल चुकी हैं, जल्द ही 10 और अन्य कंपनियां मिल जाएंगी. उन्होंने ​बताया कि चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर रहेगी.

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इसलिए अपराधी लेते हैं यहां पनाह  

कुशेश्वरस्थान क्षेत्र को बाढ़ के पानी का अघोषित ससुराल कहा जाता है. हालत ये है कि छह से आठ महीने तक ये इलाका बाढ़ के पानी की चपेट में रहता है. आने-जाने का रास्ता न होने के चलते पुलिस की सक्रियता भी कम रहती है और यही कारण रहता है कि अपराधी इस जगह पर खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं. दरभंगा, खगड़िया और समस्तीपुर जिले की सीमा यहां एक साथ मिलती हैं. अपराधी अपराध करने के बाद तुरंत एक जिले से दूसरे जिले में प्रवेश कर जाता है. 


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