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राजस्थानः बंदूक की नोक पर नाबालिग छात्रा से गैंगरेप, क्लासमेट हिरासत में

आरोप है कि पहले बंदूक की नोक पर नाबालिग छात्रा का अपहरण किया गया. इसके बाद उसे सुनसान जगह पर ले जाकर तीन युवकों ने गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया.

पुलिस ने इस संबंध में पीड़िता के एक सहपाठी को हिरासत में लिया है पुलिस ने इस संबंध में पीड़िता के एक सहपाठी को हिरासत में लिया है
दिनेश बोहरा
  • बाड़मेर,
  • 21 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 11:23 PM IST
  • एक ही स्कूल और क्लास में पढ़ते हैं पीड़िता और आरोपी
  • बंदूक की नोक पर किया था छात्रा का अपहरण
  • पुलिस ने एक क्लासमेट को हिरासत में लिया

राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक नाबालिग छात्रा के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है. पीड़िता के परिवार की तहरीर पर पुलिस ने इस मामले में फौरन एफआईआर दर्ज कर ली. इसके बाद पुलिस ने छात्रा के एक सहपाठी को हिरासत में लिया है. उससे घटना और अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ की जा रही है.

जानकारी के अनुसार घटना 16 जनवरी की है. मामला शिव थाना इलाके के गांव का है. आरोप है कि वहां पहले बंदूक की नोक पर नाबालिग छात्रा का अपहरण किया गया. इसके बाद उसे सुनसान जगह पर ले जाकर तीन युवकों ने गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया. गैंगरेप के बाद आरोपी पीड़िता को डरा धमकाकर गांव में छोड़कर चले गए.

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दो दिन बाद पीड़िता ने परिजनों को आपबीती बताई तो उनके होश उड़ गए. परिवार वाले 20 जनवरी को पीड़ित लड़की के साथ शिव थाने पहुंचे और घटना की रिपोर्ट दर्ज करवाई. पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए फौरन मामला दर्ज कर लिया.

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जानकारी के मुताबिक पीड़ित छात्रा दसवीं क्लास में पढ़ती है. उसका अपहरण करने वाला नाबालिग छात्र भी उसी स्कूल में पढ़ता है. दोनों दसवीं क्लास के स्टूडेंट हैं.

पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव के अनुसार गैंगरेप की घटना सामने आई है. पुलिस मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई कर रही है. लड़की के एक नाबालिग क्लासमेट को संरक्षण में लिया गया है. जिससे पुलिस गैंगरेप की घटना को लेकर पूछताछ कर रही है. अन्य आरोपियों की तलाश के लिए भी कई टीम गठित की गई हैं. मामले की जांच डीएसपी पुष्पेंद्र सिंह आडा कर रहे हैं.

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अलवर मामले पर भी घिरी सरकार
बता दें कि 11 जनवरी को एक दिव्यांग लड़की के साथ दरिंदगी की वारदात सामने आई थी. उस दिन आखिरी बार लोगों ने उस लड़की को 12 बजे के करीब देखा था. तब वह खेत के रास्ते सड़क पर जा रही थी. लेकिन उसके बाद वो लहूलुहान हालत में ओवर ब्रिज के नीचे मिली थी. पहले उसे अलवर के स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया था. वहां से गंभीर हालत के चलते उसे जयपुर रेफर कर दिया गया था. जहां 8 घंटे चले लंबे ऑपरेशन के बाद उसकी जान बचाई गई. इस मामले को लेकर विपक्षी दलों ने उस वक्त सरकार पर धावा बोल दिया, जब पुलिस ने कहा कि इस मामले में रेप नहीं हुआ. 

 

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