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दिल्ली: बाहुबली शहाबुद्दीन को बेल पर SC में बहस, अप्रैल में होगी अगली सुनवाई

आरजेडी के बाहुबली नेता और माफिया डॉन शहाबुद्दीन की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाल दी है. बाहुबली नेता शहाबुद्दीन आर्म्स एक्ट में भी सजा काट रहे हैं. 

शहाबुद्दीन की फाइल फोटो  शहाबुद्दीन की फाइल फोटो 
संजय शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 05 मार्च 2021,
  • अपडेटेड 2:25 PM IST
  • शहाबुद्दीन पर फिलहाल 45 आपराधिक मामले
  • दो अप्रैल को है कोर्ट में अगली सुनवाई 
  • 10 साल की सजा को दी गई सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

तिहाड़ जेल में बंद बिहार के बाहुबली नेता शहाबुद्दीन की याचिका पर आज शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान बाहुबली नेता की जमानत याचिका पर विचार किया गया. बाहुबली नेता के अधिवक्ता सलमान खुर्शीद की दलीलों के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई अगले माह के प्रथम सप्ताह तक टाल दी है. 

बाहुबली नेता शहाबुद्दीन को आर्म्स एक्ट में 10 साल की सजा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई. शहाबुद्दीन के अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने कहा कि पिछले 14 साल से शहाबुद्दीन जेल में हैं. एक दूसरे मामले में वो उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली सरकार ने इसकी पुष्टि की है कि तिहाड़ जेल में शहाबुद्दीन 3 साल 6 महीने और 7 दिन की सजा काट चुके हैं. अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने शहाबुद्दीन की दलील की पुष्टि के लिए अगली सुनवाई 2 अप्रैल को करना तय कर दिया है. 

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बता दें, शहाबुद्दीन पर फिलहाल 45 आपराधिक मामले चल रहे हैं. 2017 में पटना हाईकोर्ट ने उसे एसिड अटैक केस में उम्र कैद की सजा सुनाई थी. सीबीआई पत्रकार राजदेव रंजन के हत्या के मामले में भी शाहबुद्दीन के खिलाफ जांच कर रही है. बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शहाबुद्दीन को बिहार की सीवान जेल से तिहाड़ जेल में शिफ्ट कर दिया गया था. 


कौन है शहाबुद्दीन?
मोहम्मद शहाबुद्दीन सीवान से दो बार विधायक और 4 बार सांसद रहे हैं. राजनीति शास्त्र से एमए और पीएचडी की पढ़ाई करने वाले शहाबुद्दीन के अपराध जगत और राजनीति में कदम रखने की कहानी कॉलेज के दिनों में ही शुरू हो गई थी. वो अस्सी का दशक था जब शहाबुद्दीन का नाम पहली बार एक आपराधिक मामले में सामने आया. 1986 में उनके खिलाफ पहला आपराधिक मुकदमा दर्ज हुआ था और देखते ही देखते कई आपराधिक मामलों में उनका नाम जुड़ता चला गया.

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