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सुशील कुमार ने सागर को जान से क्यों मारा? चश्मदीद सोनू ने बताई 4-5 मई की रात की सच्चाई

आज तक से खास बातचीत में सोनू महाल ने बताया कि 4-5 मई की रात आखिर क्यों ओलंपिक पदक विजेता रेसलर सुशील कुमार ने सागर को जान से मारा और उसका हाथ क्यों तोड़ा?

सोनू महाल सोनू महाल
अरविंद ओझा
  • नई दिल्ली,
  • 10 जून 2021,
  • अपडेटेड 9:59 AM IST
  • सोनू महाल ने आजतक से की खास बातचीत
  • 'क्यों उस रात सुशील के सिर पर था खून सवार'

पहलवान सागर धनखड़ हत्याकांड का चश्मदीद रहा सोनू महाल पहली बार सामने आया है. आज तक से खास बातचीत में सोनू महाल ने बताया कि 4-5 मई की रात आखिर क्यों ओलंपिक पदक विजेता रेसलर सुशील कुमार ने सागर को जान से मारा और उसका हाथ क्यों तोड़ा? 4-5 मई की रात सागर के साथ सोनू महाल को भी अगवा करके छत्रसाल स्टेडियम लाया गया था.

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सागर और सोनू महाल दोनों को सुशील और उसके साथियों ने किडनैप करके छत्रसाल स्टेडियम ले आए थे. सोनू का दोनों हाथ टूटा हुआ है और उसमें रॉड लगी हुई. सोनू को दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा भी दी हुई है. आज तक से खास बातचीत में सोनू ने बताया कि सुशील ने उसे उस रात बहुत मारा था.

सोनू ने बताया कि छत्रसाल स्टेडियम में वीरेंद्र कोच थे, जिनको मारपीट कर सुशील ने भगा दिया था. वीरेंद्र कोच ने नांगलोई में अपना अखाड़ा खोल लिया, जिसमें सागर जाने लगा और अपने साथ छत्रसाल में आने वाले 50-60 पहलवानों को भी नांगलोई लेकर जाने लगा, इस वजह से सुशील कुमार, सागर से बौखलाया हुआ था.

सोनू महाल ने कहा कि 4-5 मई की रात ओलंपिक पदक विजेता के सिर पर खून सवार था, सागर और सोनू समेत 5 लोगों को घर से जबरन उठा कर बंधक बनाया गया था. एक लड़के को तो तब छोड़ा जब उसकी पत्नी ने पुलिस को दो बार कॉल किया. सोनू ने कहा कि 4 मई सुबह से ही सुशील कुमार सागर धनखड़ को तलाश रहा था.

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सोनू महाल के मुताबिक, सुशील कुमार को ये जानकारी नहीं थी कि सागर और सोनू किस फ्लैट में रहते हैं, 4-5 मई की देर रात सुशील और उसके साथ आए नीरज बवानिया के गुर्गों ने सबसे पहले अमित और रविंद्र नाम के 2 लड़कों को आउटर दिल्ली के इलाके से जबरन उठाया और गाड़ी में बंधक बना लिया, उसके बाद दोनों की पिटाई करते हुए सागर के फ्लैट आए.

सोनू महाल के मुताबिक, सुशील अपने साथियों के साथ सागर के फ्लैट पर पहुंचा और फिर सागर और सोनू को गाड़ी में बंधक बनाया और छत्रसाल स्टेडियम में हॉकी डंडों से सागर, अमित, भगत सिंह, सोनू और रविंद्र की पिटाई करने लगे. सागर और सोनू जब अधमरे हो गए तो उसे छोड़ा, जिसके बाद दोनों को अस्पताल ले जाया गया.

पत्नी ने पुलिस को किया फोन, फिर सुशील ने भगते को छोड़ा
बड़ा खुलासा ये है कि उस रात सुशील ने सागर के एक साथी भगत सिंह उर्फ भगते को पूरी रात किडनैप करके बंधक बनाए रखा और पिटाई करता रहा, लेकिन 4-5 मई की रात भगत सिंह की पत्नी ने दिल्ली पुलिस के 100 नम्बर पर फोन मिलाया और जानकारी दी कि उसके पति को किडनैप कर लिया गया है.

जानकारी सुशील कुमार को मिली, फिर सुशील ने वीडियो कॉल पर भगत सिंह की पत्नी से बात करवाई और भगत सिंह से कहा कि बोलो मैं ठीक हूं, किसी ने किडनैप नहीं किया. भगत सिंह की पत्नी को शक हुआ जिसके बाद उसने फिर पुलिस को 100 नम्बर पर कॉल किया, तब जाकर सुशील ने अपने पास बंधक बने भगत सिंह उर्फ भागते को छोड़ा.

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