
'खाना चाचा' रेस्टोरेंट कालाबाजारी मामले में गिरफ्तार एक और आरोपी हितेश कुमार को भी दिल्ली की साकेत कोर्ट ने जमानत दे दी है. हितेश कुमार टाउन हॉल में स्थित रेस्टोरेंट में मैनेजर थे, जहां से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बरामद हुए थे. कुल मिलाकर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कालाबाजारी से जुड़े खान चाचा रेस्टोरेंट में गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों को अब जमानत मिल चुकी है.
इसके अलावा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कालाबाजारी से जुड़े इसी मामले में साकेत कोर्ट ने कल चार आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया था, जिसमें मैट्रिक्स सेलुलर कंपनी का सीईओ गौरव खन्ना भी शामिल थे.
इससे पहले आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा था कि सरकार अगर खुद ही कोई नियम ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के रेट को रेगुलेट करने के लिए नहीं बना रही है तो फिर आप बिजनेसमैन को कैसे टारगेट कर सकते हो, अगर बिजनेसमैन कुछ कमाने के लिए महामारी में कुछ कर रहा है तो वो अपराध की श्रेणी में कैसे आ सकता है, आप जबरन आतंक क्यों दिखाना चाहते हो, पुलिस क्या दिखाना चाहती है?
कोर्ट ने यह भी कहा कि हम मीडिया में नहीं है, क्या हो रहा है समाज में, ये दिखाना हमारा काम नहीं है. राज्य को अपने लोगों के लिए निष्पक्ष होना जरूरी है. चाहे वो बिजनेसमैन ही क्यों नहीं हो, शराब भी महामारी में बेची जा रही है, क्योंकि उससे आर्थिक फायदा होता है, लॉकडाउन में क्या बिजनेस करना कोई अपराध है? मैं ये जानना चाहता हूं कि अगर कोई बिजनेसमैन बाहर से मांगकर कोई सामान देश में बेच रहा है तो ये क्या गलत है?
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सुनवाई के दौरान गिरफ्तार आरोपियों की ओर से पेश वकील ने साकेत कोर्ट से कहा कि कुछ भी गलत नहीं किया गया, लेकिन उन्हें आरोपी बना दिया गया, अगर सब कुछ लीगल तरीके से बेचा गया, तो फिर होर्डिंग या कालाबाजारी कैसे हुई? लुकआउट नोटिस जारी करने का क्या मतलब है.
सरकारी वकील अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि पूरा विश्व कोरोना महामारी से प्रभावित है और आरोपियों ने उसका फायदा उठाते हुए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर महंगे बेचने शुरू कर दिए. ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का रेट अमूमन 10 से 20 हजार रुपये होता है, लेकिन अभी की परिस्थितियों का फायदा उठाकर इन्होंने इसे 70 हजार तक में बेचना शुरू कर दिया.