
सांपों के जहर की तस्करी मामले में 14 दिन की जेल की सजा काट रहे मशहूर यूट्यूबर एल्विश यादव को गौतमबुद्ध नगर जिला अदालत में पेश किया गया. उनके साथ दो अन्य दोस्तों को भी कोर्ट में हाजिर किया गया, जिन्हें आज बुधवार को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि बिग बॉस के विनर पर लगी धाराओं में संशोधन के लिए कोर्ट में पेश किया गया है.
नोएडा पुलिस ने इस मामले में बुधवार को एल्विश यादव के दो दोस्तों को भी गिरफ्तार किया है. इनके नाम ईश्वर और विनय बताए जा रहे हैं. विनय ने पूछताछ में कबूल किया है कि वो एल्विश का दोस्त है. वहीं ईश्वर पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके सपेरे राहुल का परिचित है. इस तरह नोएडा पुलिस सांपों के जहर के तस्करी मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.
एल्विश यादव के खिलाफ नोएडा सेक्टर 49 में केस दर्ज है. इसकी विवेचना नोएडा सेक्टर 20 की पुलिस कर रही है. इसमें यूट्यूबर के खिलाफ आईपीसी की धारा 284, 289, 120बी और वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट-1972 की धारा 9, 39, 48, 49, 50, 51 के तहत केस दर्ज हुआ है. इस मामले में आरोपियों से बरामद स्नेक बेनम को जांच के लिए भेजा गया था. वहां से मिली रिपोर्ट के बाद एनडीपीएस एक्ट की धाराएं बढ़ा दी गई हैं.
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बताते चलें कि एल्विश यादव कानून के शिकंजे में बुरी तरह से घिरे हुए हैं. रेव पार्टी और सांपों की तस्करी के मामले में उनके खिलाफ जांच का दायरा चार राज्यों तक फैल चुका है. नोएडा पुलिस को उनके खिलाफ अब तक की जांच में कितने पुख्ता सबूत मिले हैं, इसके बारे में साफ साफ कुछ भी नहीं कहा जा सकता. लेकिन एल्विश के इर्द गिर्द रेव पार्टी और एनिमल क्रूएल्टी के इल्जाम कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं.
नोएडा पुलिस के सूत्रों से यह बात सामने आई है कि यूट्यूबर एल्विश यादव सिर्फ पैसों के लिए नहीं, अपना सोशल मीडिया फैन बेस बढ़ाने के लिए भी रेव पार्टियों में सांप का जहर सप्लाई किया करता था. सूत्रों का दावा है कि सांप के जहर की सप्लाई करना उसके लिए अपना स्वैग और दबदबा दिखाने का ज़रिया था. नोएडा पुलिस का दावा है कि एल्विश के खिलाफ उनके पास पर्याप्त सबूत मौजूद हैं.
कोर्ट में पेशी के लिए जाते एल्विश यादव, देखिए वीडियो...
इतना ही नहीं पुलिस ने ये भी बताया है कि एल्विश रेव पार्टियों में आखिर सांप का ज़हर क्यों सप्लाई करता था. पुलिस के मुताबिक एल्विश अपनी इस हरकत से ये एहसास कराना चाहता था कि उसका स्वैग और भौकाल है. वो अपने फैंस के बीच अपनी ऐसी तस्वीर पेश करना चाहता था कि जिससे लगे कि एल्विश कानून से बिल्कुल नहीं डरता और वो जो चाहे कर सकता है. उसकी यही हरकत उसे भारी पड़ी है.
एल्विश यादव पर लगी धाराएं और उनके तहत मिलने वाली सजाएं...
एनडीपीएस एक्ट:- इसे विस्तार में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट-1985 कहते हैं. इसे 1988, 2001, 2014 और 2021 में चार बार संशोधित किया गया. इसका इस्तेमाल नशीले पदार्थों को बनाने, खरीदने-बेचने और सेवन करने वालों के खिलाफ किया जाता है. इसके तहत चरस, गांजा, अफीम, हेरोइन, कोकेन, मॉर्फीन, एलएसडी, एमएमडीए और अल्प्राजोलम आते हैं. इनमें कई ड्रग्स का इस्तेमाल दवाइयों के लिए किया जाता है. लेकिन इनका ज्यादा इस्तेमाल प्रतिबंधित है.
सजा- 10 से 20 साल तक की सजा और 1 से 2 लाख रुपए तक का जुर्माना
वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट:- वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट- 1972 में 66 धाराएं और 6 अनुसूचियां हैं. इन अनुसूचियों के तहत वन्यजीवों की सुरक्षा की जाती है. पहली अनुसूची में जंगली जानवरों और पक्षियों को सुरक्षा मिलती है. इस सूची में 43 वन्यजीव शामिल हैं. इनमें बाघ, चीता, भालू, तोता, मोर, बत्तख (कुछ प्रजातियां), तीतर, उल्लू, बाज, ऊंट, बंदर, हाथी, हिरन, सफेद चूहा, सांप, मगरमच्छ, एलिगेटर और कछुआ को पालने पर प्रतिबंध है. इस एक्ट की कई धाराए हैं. इसकी अनुसूची 6 में दुलर्भ पौधों की खेती पर भी रोक लगाई गई है.
सजा- 3 से 7 साल तक
आईपीसी की धारा 284:- भारतीय दंड संहिता की धारा 284 उस शख्स पर लगाई जाती है, जो जहरीले पदार्थ के साथ लापरवाही से काम करता है. क्योंकि इससे किसी दूसरे व्यक्ति को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है.
सजा- 6 महीने तक जेल की सजा और 1 हजार रुपए तक का जुर्माना
आईपीसी की धारा 289:- भारतीय दंड संहिता की धारा 289 पालतू जानवरों से संबंधित है. इसके अनुसार यदि किसी पालतू जानवर से कोई संकट पैदा होता है या किसी व्यक्ति को शारीरिक नुकसान पहुंचता है, तो इसकी जिम्मेदारी जानवर पालने वाले की होगी.
सजा- 6 महीने तक जेल की सजा और 1 हजार रुपए तक का जुर्माना
आईपीसी की धारा 120बी- भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी किसी भी अपराध को अंजाम देने के लिए मिलकर साजिश रचने के लिए लगाई जाती है. इसमें जरूरी नहीं होता कि आरोपी खुद अपराध को अंजाम दे. वह ऐसी साजिश का हिस्सा भी हो सकता है.
सजा- उम्रकैद या 2 साल या उससे अधिक समय के लिए कठोर कारावास की सजा.