
नोएडा के 'गालीबाज' श्रीकांत त्यागी को मंगलवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. नोएडा पुलिस ने उससे पूछताछ के बाद प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की. जिसमें पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने बताया कि आरोपी ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि उसकी गाड़ी पर जो विधानसभा सचिवालय का स्टीकर लगा था, वो स्टीकर स्वामी प्रसाद मौर्य ने उसे दिया था.
दरअसल, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए श्रीकांत त्यागी की पांच गाड़ियों को सीज किया है. जिनमें से एक पर विधायक का स्टीकर लगा हुआ मिला था. वहीं एक अन्य गाड़ी की नंबर प्लेट पर उत्तर प्रदेश सरकार का आधिकारिक लोगो लगा हुआ भी मिला था.
पुलिस आयुक्त ने बताया कि त्यागी ने स्वीकार किया कि उसने आक्रोश में ऐसा किया. महिला के प्रति उसका व्यवहार ठीक नहीं था. श्रीकांत ने अपनी गलती मानी है. उसे नोएडा पुलिस का खौफ था, जिसकी वजह से वो भाग रहा था.
बता दें कि 5 अगस्त को महिला से गाली-गलौच करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. जिसके तूल पकड़ते हुए पुलिस ने केस दर्ज किया था. इसके बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था. पुलिस ने उस पर गैंगस्टर की कार्रवाई कर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया था. पुलिस की 12 टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई थीं. आखिरकार उसे आज मेरठ से उसके तीन साथियों संग गिरफ्तार किया गया.
लगातार ठिकाना बदलता रहा श्रीकांत त्यागी
पुलिस ने बताया कि नकुल त्यागी और संजय और ड्राइवर राहुल उसके मुख्य मददगार थे. आऱोपी भागकर पहले दिल्ली के एयरपोर्ट जा रहा था, लेकिन वीडियो वायरल था तो पकड़े जाने के डर से वहां नहीं जा सका. इसके बाद वह फिर मेरठ पहुंचा और कुछ वक्त रुका, जहां उसने फोन आदि बदले. फिर शनिवार को हरिद्वार से ऋषिकेश गया और रविवार को वापस यूपी आया. फिर रविवार शाम के बाद फिर सारे डिवाइस बदले और फिर मेरठ, मुज़फ्फरनगर, बागपत में रहा.
1 लाख में खरीदा कार का VIP नंबर
पुलिस आयुक्त ने बताया कि आरोपी न सिर्फ खुद को छिपाया, बल्कि बार-बार जगह बदली, जिससे 3 दिन तक पुलिस को चकमा देता रहा. पुलिस इसके पीछे लगी थी. हर वाहन और इसके डिवाइस को लगातार ट्रैक किया जा रहा था. इसके पास जो वाहन मिले हैं, उन सभी का नंबर 0001 है. नंबर खरीदने के लिए इसने 1 लाख रुपये क़ीमत दी है.
खुद बनवाया था राजकीय चिन्ह
आलोक सिंह ने बताया कि जो राजकीय चिन्ह कार पर मिला है, वो इसने खुद बनवाया था. उसके पीछे इसका मकसद था दूसरो के सामने रसूख दिखाकर भय का वातावरण कायम करना. अब तक इससे पांच गाड़िया मिली हैं. 2 फॉर्च्यूनर, 2 सफारी और 1 होंडा सिटी. इसको गनर गाज़ियाबाद से मिले थे, जिसकी तफ्तीश चल रही है.
त्यागी समाज ने की बैठक
बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में मंगलवार को श्रीकांत त्यागी प्रकरण को लेकर त्यागी समाज ने एक बैठक का आयोजन किया था. इस बैठक में त्यागी समाज के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. श्रीकांत त्यागी द्वारा महिला से की गई अभद्रता को लेकर इस मीटिंग में यह फैसला लिया गया कि कोई भी त्यागी समाज का व्यक्ति श्रीकांत त्यागी के इस निंदनीय कार्य में उसके साथ नहीं है, श्रीकांत ने जो किया है, पुलिस उसमें कानूनी दायरे में रहकर कार्रवाई करे लेकिन श्रीकांत के परिवार पर किसी तरह की कोई कार्रवाई ना हो.
ये था मामला
गौरतलब है कि श्रीकांत त्यागी के खिलाफ नोएडा सेक्टर-93 स्थित ग्रैंड ओमैक्स सोसाइटी की एक महिला से बदसलूकी के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. महिला ने सोसायटी के साझा क्षेत्र में पौधे लगाने पर आपत्ति जताई थी, इससे भड़के त्यागी ने महिला से गाली-गलौज करते हुए धक्का-मुक्की तक कर दी थी. इस मामले का वीडियो होने पर शासन-प्रशासन हरकत में आया. फिर नोएडा अथॉरिटी ने सोसाइटी में त्यागी के ग्रांउड फ्लोर पर बने फ्लैट के बाहर बनाए गए 'अवैध' निर्माण को ढहा दिया.
श्रीकांत को बेल नहीं देने की मांग
श्रीकांत त्यागी की गिरफ्तारी के बाद ओमैक्स सोसायटी की महिलांए सामने आई हैं. उन्होंने श्रीकांत को बेल न देने की मांग की है. महिलाओं ने कहा कि इन पर पहले से मुकद्दमे थे, फिर भी बाहर थे. ऐसा न हो, इसी तरह फिर बाहर आये और सोसाइटीवासियों की नाक में दम कर दे.