
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के एक स्कूल में हुए गैंगरेप के मामले में पुलिस ने तीन छात्रों को पकड़ लिया है. तीनों छात्र नाबालिग है, इसलिए पुलिस ने सबसे छोटे छह साल के आरोपी को रिहा करते हुए दो अन्य को बाल सुधार गृह में भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि इसे कानूनी तौर पर बलात्कार के प्रयास का मामला कहा जाएगा. उधर, शिक्षा विभाग ने स्कूल के प्रिंसिपल को निलंबित करते हुए हेडमास्टर का तबादला कर दिया है.
जानकारी के मुताबिक, ये वारदात 3 सितंबर को एक प्राथमिक विद्यालय में हुई. एक महिला हमेशा की तरह सुबह करीब 8 बजे अपनी बेटी को स्कूल छोड़कर घर चली आई थी. लेकिन दो-तीन घंटे बाद ही बच्ची रोती हुई घर आ गई. महिला ने बताया कि जब उसने पूछा तो बच्ची ने बताया कि कुछ लड़कों ने स्कूल में उसके साथ मारपीट की है. उसके प्राइवेट पार्ट में दर्द भी हो रहा था. पीड़िता की मां ने स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई.
शिकायत में कहा गया कि उसकी बेटी के स्कूल के 6 से 11 साल की उम्र के तीन छात्रों ने मारपीट करते हुए बलात्कार का प्रयास किया है. उधम सिंह नगर के पुलिस अधीक्षक (शहर) मनोज कत्याल ने कहा कि कानूनी तौर पर इसे बलात्कार का प्रयास कहा जाएगा. इस मामले तीनों आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है. लेकिन छह साल के एक बच्चे को घर भेज दिया गया. 10 और 11.5 साल की उम्र के दो अन्य लड़कों को रिमांड होम भेजा गया है.
उन्होंने कहा कि पीड़ित बच्ची की मां की शिकायत के आधार पर यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस बीच, उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने इस घटना के मद्देनजर प्राथमिक विद्यालय के प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया है. इसके साथ ही हेडमास्टर का तबादला कर दिया गया है. जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा ने कहा कि घटना में प्रिंसिपल और हेडमास्टर की लापरवाही सामने आई है.
बताते चलें कि अगस्त में एक नाबालिक लड़की से बलात्कार का मामला सामने आया था. दिल्ली से उत्तराखंड जा रही रोडवेज की बस में इस वारदात को अंजाम दिया गया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस ड्राइवर, कंडक्टर समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया. पीड़िता उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले की रहने वाली थी. वारदात के बाद से नाबालिग लड़की की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी. 12 अगस्त की रात वो दिल्ली से देहरादून पहुंची थी.
इसी दौरान आधी रात नाबालिग के साथ बलात्कार किया गया. इस मामले में देहरादून एसएसपी का कहना था कि 5 लोगों को गिरफ्तार करके उनसे पूछताछ की गई. सीडब्ल्यूसी की एक पर्यवेक्षक ने बताया कि नाबालिग लड़की 13 अगस्त की सुबह 2 से 2:30 के बीच बदहवास स्थिति में मिली थी. उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही थी. उसको वेलफेयर सेंटर भेज दिया गया. इसके बाद पुलिस इस मामले में केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी.