
दिल्ली पुलिस की स्पेशल ने रविवार देर रात दिल्ली दंगों की जांच के सिलसिले में जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को गिरफ्तार कर लिया है. दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद को UAPA की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है.
उमर खालिद की गिरफ्तारी पर वकीलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा है कि सीताराम येचुरी, योगेंद्र यादव, जयति घोष और अपूर्वानंद का नाम डालने के बाद उमर खालिद की गिरफ्तारी ने इस बात पर कोई शक नहीं रहने दिया है कि दिल्ली दंगों की जांच में दिल्ली पुलिस की मंशा क्या है. ये जांच के नाम पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को फंसाने की दिल्ली पुलिस की साजिश है.
इसके अलावा आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने उमर खालिद की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि पहले तो कई प्रमुख नेताओं और शिक्षाविदों का नाम दिल्ली दंगों में लाया गया इसके बाद कल आधी रात को उमर खालिद की गिरफ्तारी की गई. ये देश में लोकतंत्र के स्वास्थ्य पर ताजा हेल्थ बुलेटिन है.
उमर खालिद की गिरफ्तारी की निंदा यूनाइटेड अगेंस्ट हेट ग्रुप ने भी की है. इस संगठन ने कहा कि 11 घंटे की पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस ने दिल्ली दंगा में उमर खालिद को 'साजिशकर्ता' के रूप में गिरफ्तार किया है. इस वक्त हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता ये है कि उसे ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा मिले और दिल्ली पुलिस उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करे.
बता दें कि उमर खालिद को दिल्ली पुलिस ने समन देकर पूछताछ के लिए बुलाया था. उमर खालिद से दिल्ली पुलिस 1 बजे दिन से पूछताछ कर रही थी. रात 11 बजे कई घंटों की पूछताछ के बाद पुलिस ने उमर खालिद को गिरफ्तार कर लिया है.