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उन्नाव: कब्र से निकाला गया दलित लड़की का शव, फिर से हुआ पोस्टमार्टम, मां का हंगामा

उन्नाव में दलित लड़की की हत्या के मामले में दोबारा पोस्टमार्टम किया गया. शव को कब्र से निकाला गया और लखनऊ से आई फोरेंसिक की टीम से पोस्टमार्टम कराया गया. इसकी रिपोर्ट को लेकर मां ने हंगामा किया.

कब्र से निकाला गया दलित लड़की का शव कब्र से निकाला गया दलित लड़की का शव
विशाल सिंह चौहान
  • उन्नाव,
  • 16 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 2:41 PM IST
  • अगवा करके लड़की की हत्या की गई
  • दोनों पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई अंतर

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में दलित लड़की की हत्या के मामले में नया मोड़ आया है. मृतका की मां के द्वारा दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग को मानते हुए शव को कब्र से निकाला गया और लखनऊ से आई फोरेंसिक की टीम से पोस्टमार्टम कराया गया. मंगलवार देर शाम करीब आठ बजे पोस्टमार्टम के बाद मृतका की मां ने रिपोर्ट की मांग को लेकर हंगामा किया.

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पीड़ित परिवार की ओर से पैरवी करने आए हाई कोर्ट के वकीलों ने एफएसएल के रिपोर्ट की जानकारी ली तो पहले और बाद में हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में अंतर की जानकारी दी गई. इस पर बवाल बढ़ गया. पहली रिपोर्ट में गले की हड्डी टूटने का जिक्र है जबकि दूसरी रिपोर्ट में गले में चोट का निशान और दम घुटने से मौत होने की पुष्टि हुई है.

क्या है मामला

गौरतलब है कि उन्नाव शहर के काशीराम कॉलोनी में रहने वाली दलित लड़की को 8 दिसंबर 2021 को पूर्व राज्यमंत्री स्व. फतेहबहादुर सिंह के बेटे रजोल ने अगवा कर लिया और फिर उसकी हत्या कर दी. 10 फरवरी को पुलिस ने उसका शव दिव्यानंद आश्रम परिसर परिसर में गड्ढा खोदवाकर बरामद किया था.

कब्र से निकालकर शव का पोस्टमार्टम

11 फरवरी को शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद जाजमऊ के चंदन घाट पर दफना दिया गया था. मंगलवार शाम 4:30 बजे सिटी मजिस्ट्रेट विजेता व पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में शव को श्मशान घाट से निकालकर पोस्टमार्टम हाउस लाया गया,जहां लखनऊ से विधि विज्ञान प्रयोगशाला के अपर निदेशक डॉ. जी खान के नेतृत्व में एमडी फोरेंसिक मेडिसिन डॉ. कीर्तिवर्धन, डॉ. एमपीएम सिविल अस्पताल लखनऊ और डॉ. कंचन यादव एमडी फोरेंसिक मेडिसिन के पैनल ने पोस्टमार्टम किया. 

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मृतका की मां ने किया हंगामा

टीम के बाहर निकलते ही मृतका की मां ने रिपोर्ट तत्काल देने की मांग कर शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने से रोक दिया. एफएसएल के एडी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट तय प्रक्रिया के कारण तत्काल न दे पाने की बात कही तो हंगामा शुरू हो गया. इसी दौरान कुछ कांग्रेसी नेता भी पहुंच गए. परिजनों ने निर्भया की वकील रहीं सीमा समृद्धि कुशवाहा से बात कर पूरी जानकारी दी. इसपर सुप्रीम कोर्ट की वकील अवनी बंसल और प्रखर दीक्षित ने एफएसएल के अपरनिदेशक डॉ. जी खान से पोस्टमार्टम रिपोर्ट ली. दोनों रिपोर्ट का मिलान किया गया तो भारी अंतर मिला.

मेडिकल एक्सपर्ट बोर्ड गठन करने की मांग

पहली रिपोर्ट में सिर में बाईं ओर आगे दो चोटें हैं जबकि दूसरी रिपोर्ट में बाईं ओर पीछे की तरफ चोट की पुष्टि हुई है. अधिवक्ता अवनी बंसल ने अब मेडिकल एक्सपर्ट बोर्ड का गठन करने और उसके माध्यम से पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भिन्नता की वजह स्पष्ट करने की मांग की है. उन्होंने स्थिति स्पष्ट न होने तक शव न उठने देने की बात कही है.

 

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