
यूपी के बाराबंकी में दलित युवती का गैंगरेप और हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है. पुलिस ने दिनेश कुमार गौतम नामक युवक को गिरफ्तार किया है. जिसने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. नाबालिग दलित युवती के साथ गैंगरेप के बाद धान के खेत में उसकी हत्या कर दी गई थी. पीड़िता के परिजनों ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए थे.
बाराबंकी पुलिस इस केस में आरोपी की तलाश कर रही थी. जिसके लिए कई टीम गठित की गई थी. पुलिस का दावा है कि डिजिटल सबूतों और जमीनी सूचना के आधार पर इस घटना का खुलासा किया गया है. जिसमें शामिल अभियुक्त दिनेश कुमार गौतम को बाराबंकी पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार आरोपी दिनेश की उम्र 19 वर्ष है.
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी दिनेश ने घटना में संलिप्त होना स्वीकार कर लिया है. उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 376 बढ़ा दी थी. आरोपियों की तलाश के लिए 3 टीम बनाई गईं थीं.
10 लाख रुपये मुआवजा देगी सरकार
बाराबंकी रेप कांड को लेकर मंत्री दारा सिंह ने ऐलान किया है कि सरकार पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देगी. दारा सिंह ने बताया कि यह मुआवजा राशि सरकार रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत देगी. इसके साथ ही दारा सिंह ने कहा कि परिवार को कुछ जमीन भी उपलब्ध करा देंगे.
दारा सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी की सोच है कि किसी भी दोषी को न बक्शा जाएगा. मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि परिवार ने बताया है कि उनके पास आवास नहीं है तो उनके लिए आवास भी सरकार उपलब्ध कराएगी.
आपको बताते चलें कि बाराबंकी की गैंगरेप पीड़िता के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. नाबालिग दलित युवती के साथ गैंगरेप के बाद धान के खेत में उसकी हत्या कर दी गई थी. वहां से उसका अर्धनग्न शव बरामद हुआ था. परिजन रेप की आशंका जता रहे थे, लेकिन पुलिस मामले को दबाने में जुटी रही. बाद में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर पुलिस को इस केस में रेप की धारा बढ़ानी पड़ी थी.
पीड़िता के पिता ने कहा कि पुलिस हम लोगों पर दबाव बना रही है. हमारे घर के लोगों को पकड़ कर ले गई है. लगातार परेशान किया जा रहा है. जबरदस्ती अंगूठा लगवा लिया. उन्होंने कहा कि हमारी लड़की भी मर गई और हम पर पुलिस अत्याचार भी कर रही है. मृतका के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उन पर जल्द अंतिम संस्कार करने के लिए दबाव बनाया था.
मृतका की मां ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मामला दबाने की कोशिश में है. बाराबंकी गैंगरेप पीड़िता की मां ने कहा कि किसी ने आकर पति को बेटी का शव पड़े होने की सूचना दी. जब उन्होंने शव देखा, तब रात के 8 बज रहे थे. उसके साथ बर्बरता की गई थी. बेटी के हाथ-पैर बंधे थे. उसके चेहरे और गले पर भी खरोंच के निशान थे. पीड़िता की मां के मुताबिक उसके कपड़े फटे हुए थे और वह अर्धनग्न हालत में थी.
पीड़ित मां ने कहा कि बिटिया धान काटने को बोल कर गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. मां ने कहा कि हमें नहीं मालूम कि इस मामले में क्या मामला दर्ज हुआ और पुलिस ने क्या कहा. मैं बेसुध थी. उन्होंने यह भी कहा कि न तो प्रशासन से कोई आया और न ही कोई मदद मिली. पुलिस ने परिवार के लोगों से भी पूछताछ की. मां के मुताबिक पुलिस ने रिश्तेदारों के कुछ लड़कों को भी पकड़ा था, जिन्हें पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था.