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UP: लॉकडाउन 2.0 में अपराध बढ़े- रेप, डकैती और अपहरण में इजाफा

पिछले साल मार्च में लॉकडाउन लगा था तो अपराध में गिरावट आई थी, लेकिन इस बार माना जा रहा कि पंचायत चुनाव और पिछले लॉकडाउन के चलते बढ़ी बेरोजगारी से लूट और डकैती की वारदात में इजाफा हुआ है.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
संतोष शर्मा
  • लखनऊ,
  • 08 जून 2021,
  • अपडेटेड 7:38 AM IST
  • दूसरी लहर में 1 मई से उत्तर प्रदेश में लॉकडाउन लगा
  • फिरौती के लिए अपहरण में 63.64 फीसदी का इजाफा
  • लॉकडाउन के दौरान रेप के मामलों में 9.76% की वृद्धि

कोरोना की पहली लहर में पिछले साल जब लॉकडाउन लगा तो अपराध में भारी कमी आ गई थी. लेकिन दूसरी लहर के बाद लगे लॉकडाउन में अपराध बढ़ गए हैं. रेप, डकैती, लूट और अपहरण जैसी घटनाओं में इजाफा हुआ है.

कोरोना की दूसरी लहर आते ही 1 मई से उत्तर प्रदेश में लॉकडाउन लगा दिया गया. लोग घरों में रहने लगे, आना जाना बंद हो गया, लेकिन इस लॉकडाउन के दौरान रेप, डकैती, लूट और फिरौती के लिए अपहरण की घटनाएं बढ़ गईं.

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डीजीपी मुख्यालय के आंकड़ों की माने 1 जनवरी से 15 मई की अवधि में बीते 3 सालों में हुए आंकड़ों पर नजर डालें तो इस दौरान में साल 2021 में चार श्रेणियों में अपराध बढ़े हैं. फिरौती के लिए अपहरण की वारदात में 63.64 फीसदी इजाफा हुआ. रेप के मामलों में 9.76 फीसदी,  डकैती के मामलों में 7.41 फीसदी और लूट के मामलों में 0.64 फीसदी बढ़ोतरी हुई है.

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पिछले साल मार्च में लॉकडाउन लगा था तो अपराध में गिरावट आई थी, लेकिन इस बार माना जा रहा कि पंचायत चुनाव और पिछले लॉकडाउन के चलते बढ़ी बेरोजगारी से लूट और डकैती की वारदात में इजाफा हुआ है.

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पिछले 3 साल के दौरान 1 जनवरी से 15 मई तक के अपराधिक वारदात
अपराध     2019 2020 2021
अपहरण  12 11 18
रेप  938 717  787
डकैती  42 27 29
लूट  773 467 470
हत्या  1280 1162 1129
दहेज मृत्यु 846 770 676
बलवा  1896 1909 1676
गृहभेदन  3087 2191 2191

हालांकि इस दौरान हत्या, बलवा, गृहभेदन, दहेज मृत्यु के मामलों में कमी आई है. जबकि तीन साल के दौरान प्रदेश में रोड होल्ड अप की एक भी वारदात नहीं दर्ज की गई है. एक जनवरी से 15 मई तक की अवधि के दौरान वर्ष 2019 में 1,19,029 मुकदमे, वर्ष 2020 में 1,20,492 मुकदमे और वर्ष 2021 में 1,18,135 मुकदमे दर्ज हुए हैं.
 

 

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