
गाजा में हमास और इजरायल के बीच चल रही जंग को सात महीने से भी ज़्यादा हो गए हैं, लेकिन थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं. हमास के साथ युद्धविराम के समझौते के टूटने के बाद इजरायल ने गाजा के रफाह में हमले तेज कर दिए हैं. यहां लाखों फिलिस्तनी शरण लिए हुए हैं.
इधर पहली बार इस जंग को लेकर अमेरिका ने चिंता जाहिर करते हुए इजरायल की कड़े शब्दों में निंदा की है. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिकंन ने स्पष्ट कहा कि इजराइल ने गाजा में अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून को तोड़ा है. उसने अपने दायित्वों के साथ असंगत कार्य किया है.
यही नहीं एंटनी ब्लिंकन ने इजरायल को गाजा से बाहर निकलने की भी बात कही है. हालांकि इसके बाद इस क्षेत्र में सुरक्षा और शासन कैसा हो इस पर चर्चा की और कहा कि इसके लिए इजरायल की विश्वसनीय योजनाओं का इंतजार करना होगा. एंटनी ब्लिकंन का ये बयान अबतक का सबसे तल्ख बयान है.
इससे अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव पैदा हो सकता है. दूसरी तरफ युद्धविराम को लेकर कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं. रफाह में लाखों फिलिस्तीनियों की स्थिति बेहद नाज़ुक बनी हुई है. करीब 10 लाख लोग वहां रह रहे हैं, लेकिन भोजन, स्वास्थ्य सहित बुनियादी जरूरतों की भारी किल्लत है.
तुर्किए के राष्ट्रपति ने अमेरिका और यूरोपीय देशों पर लगाया आरोप
उधर, इजरायल और हमास के बीच सीजफायर ना होने पर तुर्किए के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने पश्चिमी देशों को आड़े हातों लिया है. राष्ट्रपति आर्दोआन ने दावा किया कि अमेरिका और यूरोपीय देश गाजा में युद्धविराम के लिए इजरायल पर दबाव बनाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहे हैं.
रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने गाजा में इजरायली हमलों की निंदा करते हुए तत्काल युद्धविराम की भी अपील की है. उन्होंने कहा, ''क्या इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की क्रूरता के खिलाफ कोई प्रतिक्रिया कर रहा है. अमेरिका और यूरोपीय देशों को उनको सीजफायर के लिए मजबूर करना चाहिए.''
अर्दोआन ने ये बयान इस्तांबुल में मुस्लिम स्कॉलर्स को संबोधित करते हुए दिया. उन्होंने सीजफायर के प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए हमास की तारीफ भी की है. नेतन्याहू सरकार पर जंग खत्म नहीं करने का आरोप लगाया. तुर्किए ने पहले ही इज़रायल से राजनयिक और व्यापारिक रिश्ते खत्म कर लिए हैं.
गाजा में इजरायली सैन्य कार्रवाई की संयुक्त राष्ट्र ने की आलोचना
बताते चलें कि फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजरायली सैन्य कार्रवाई की संयुक्त राष्ट्र आलोचना कर चुका है. यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि गाजा में मारे गए फिलिस्तीनियों की संख्या बहुत ज्यादा है. केन्या की राजधानी नैरोबी में एक सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि रूस के हमले में यूक्रेन में पिछले दो सालों में जितने लोग नहीं मारे गए, उससे कही अधिक लोग पिछले कुछ महीने में गाजा में हताहत हुए हैं.
यूएन महासचिव ने रफाह में इजरायली सैन्य कार्रवाई को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि इससे भारी विनाश तय है. वहीं इन चेतावनी के बावजूद इजरायल दक्षिणी गाजा के रफाह में व्यापक पैमाने पर सैन्य ऑपरेशन चला रहा है. इस वजह से वहां पनाह लेने वाले लोगों पर इसके भयावह और विनाशकारी असर देखने को मिल रहे हैं. रफाह में गाजा की 22 लाख आबादी के आधे से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं.
बड़ी तादाद में लोग टेंटों और अस्थायी शेल्टर होम्स में रह रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा था, ''पिछले कुछ महीनों में गाजा में जितने नागरिक मारे गए, उतने नागरिक दो वर्षों के दौरान रूस-यूक्रेन हमले में भी नहीं मारे गए.'' इस बीच अमेरिका ने अंदेशा जताया कि इजरायल ने गाजा में जंग के दौरान अमेरिकी हथियारों के इस्तेमाल से कुछ मौको पर अंतरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून को तोड़ा है.