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लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे को फर्जी पते पर पासपोर्ट, लापरवाही के आरोप में कांस्टेबल सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के मेरठ में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक गुर्गे को जारी एक पासपोर्ट में मामले में पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया. आरोपी पुलिसकर्मी फर्जी पते का सत्यापन करने में विफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप बिश्नोई गैंग के एक सदस्य के लिए पासपोर्ट जारी हो गया.

एक पासपोर्ट में मामले में पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया. एक पासपोर्ट में मामले में पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया.
aajtak.in
  • मेरठ,
  • 15 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 8:50 PM IST

उत्तर प्रदेश के मेरठ में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक गुर्गे को जारी एक पासपोर्ट में मामले में पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया. आरोपी पुलिसकर्मी फर्जी पते का सत्यापन करने में विफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप बिश्नोई गैंग के एक सदस्य के लिए पासपोर्ट जारी हो गया. आरोपी कांस्टेबल का नाम संदेश कुमार है, जो कि मेरठ जिले के कंकरखेड़ा पुलिस स्टेशन में तैनात था. 

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पुलिस अधीक्षक (शहर) आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि प्रीतम सिंह बरार, जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा माना जाता है, राजस्थान पुलिस का वांछित था. उसके पासपोर्ट के लिए पते के सत्यापन की जिम्मेदारी कांस्टेबल संदेश कुमार को दी गई थी. उसने पासपोर्ट के लिए दिए गए फर्जी पते का ठीक से सत्यापन नहीं किया. उसकी रिपोर्ट के आधार पर पासपोर्ट जारी कर दिया गया.

एसपी सिटी ने बताया कि आगे की जांच में, दस्तावेजों के सत्यापन के लिए जिम्मेदार कांस्टेबल कुमार को लापरवाही का दोषी पाया गया. इसके बाद मेरठ एसएसपी ने उसको निलंबित कर दिया. आरोपी कांस्टेबल पासपोर्ट की सिफारिश करने से पहले पते की पुष्टि करने में विफल रहा, जिसके कारण उसे मंजूरी मिल गई. उसके खिलाफ सख्त से सख्त विभागीय कार्रवाई की जा रही है.

खुफिया विभाग की रिपोर्ट पर हुई जांच में पाया गया कि पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए कोई सत्यापन नहीं किया गया था. जिन सिपाहियों की भूमिका संदिग्ध थी, उन पर कार्रवाई की जा रही है. गाजियाबाद में एक साइबर कैफे चलाने वाले राजू वेद को भी गिरफ्तार किया गया, जो इस फर्जीवाड़े का हिस्सा था. आरोप था कि राजू ने राहुल कुमार और महेंद्र कुमार के फर्जी पासपोर्ट बनाए थे. 

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दोनों बदमाशों पर राजस्थान के बीकानेर में कई मामले दर्ज हैं और वे फरार चल रहे थे. इस घटना के बाद, राजस्थान पुलिस ने मेरठ के तत्कालीन एसएसपी को अवगत कराया और मामले की जांच प्रारंभ हुई. राजस्थान के बीकानेर निवासी राहुल कुमार और महेंद्र कुमार गुजरात की साबरमती जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गे हैं. वे फर्जी पते पर तैयार पासपोर्ट से दुबई चले गए थे. 

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