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बेंगलुरु में मेरठ जैसा जघन्य हत्याकांड... लव मैरिज के बाद बीवी ने किया पति का कत्ल, सास ने दिया साथ, हैरान कर देगी वजह!

Bengaluru Murder Case: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 37 वर्षीय रियल एस्टेट एजेंट हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मुख्य आरोपी मृतक की पत्नी और सह आरोपी उसकी सास है. दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.

मुख्य आरोपी मृतक की पत्नी और सह आरोपी उसकी सास है. मुख्य आरोपी मृतक की पत्नी और सह आरोपी उसकी सास है.
aajtak.in
  • बेंगलुरु,
  • 25 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 10:53 PM IST

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 37 वर्षीय रियल एस्टेट एजेंट हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मुख्य आरोपी मृतक की पत्नी और सह आरोपी उसकी सास है. दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने इस मामले में कई खुलासे किए हैं.

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जानकारी के मुताबिक, बीजीएस लेआउट में एक निर्माणाधीन इमारत के पास रियल एस्टेट एजेंट लोकनाथ सिंह का शव मिला था. सोलादेवनहल्ली में 22 मार्च को उसकी हत्या कर दी गई थी. उसकी हत्या का आरोप पत्नी यशस्विनी (19) और उसकी मां हेमा भाई (37) पर लगा है. यशस्विनी ने कुछ महीने पहले अपने माता-पिता की मर्जी के खिलाफ लोकनाथ से शादी की थी.

शादी के बाद यशस्विनी जब ससुराल पहुंची तो उसे पता चला कि उसके पति के दूसरी महिलाओं के साथ भी संबंध हैं. इस बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था. पति को उसने कई बार समझाया, लेकिन जब वो नहीं माना, तो वो अपने माता-पिता के घर वापस चली गई. इसके बाद उसके पति ने घर वापस लौटने का दबाव बनाना शुरू कर दिया.

इसे लेकर वो यशस्विनी के माता-पिता के साथ झगड़ा करता और उनको परेशान करता था. उसने अपनी पत्नी को धमकी भी दी कि यदि वो वापस नहीं लौटी, तो उसकी मां को अपने साथ घर ले जाएगा. ये बात उसके ससुराल वालों को बहुत नागवार गुजरी. इसके बाद यशस्विनी और उसकी मां हेमा भाई ने लोकनाथ सिंह की हत्या की साजिश रची.

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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि 22 मार्च को यशस्विनी ने लोकनाथ सिंह से संपर्क किया. उसे मिलने के लिए बगलूर के पास एक जगह पर बुलाया. दोनों वहां मिले, जिसके बाद सोलादेवनहल्ली चले गए. इस दौरान उसकी मां ऑटो से उनका पीछा करती रही. वहां जाने के बाद लोकनाथ जमकर बीयर पिया. इसके बाद नशे में आ गया.

पति के नशे में आने के बाद यशस्विनी ने उसके खाने में नींद की गोलियां मिला दी थीं. जब वह बेहोश हो गया, तो उसकी मां ने उसके गले के बाईं ओर चाकू से दो से तीन बार वार कर दिया. यह वारदात तब प्रकाश में आया जब एक राहगीर ने बिलिजाजी गांव के बीजीएस लेआउट में निर्माणाधीन इमारत के पास लोकनाथ सिंह का शव कर पुलिस को सूचित किया.

पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इसके बाद अज्ञात अपराधियों के खिलाफ केस दर्ज करके इस मामले की जांच शुरू की गई. जांच के दौरान सबूतों के आधार पर पुलिस ने यशस्विनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया. उसने हत्याकांड में अपनी मां की भूमिका भी स्वीकार कर ली.

पुलिस पूछताछ में यशस्विनी ने बताया कि वो अपने पति की असलियत जानने के बाद अपनी शादी को जारी नहीं रखना चाहती थी. वो उससे तलाक लेना चाहती थी. लेकिन वो मान नहीं रहा था, बल्कि उसे वापस आने का दबाव बना रहा था. पुलिस को पहले हत्या के पीछे व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता का संदेह था, क्योंकि मृतक के खिलाफ कई धोखाधड़ी के केस थे.

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