
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में 21 वर्षीय एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. उसका शव अपने ससुराल में फांसी के फंदे से लटका मिला. उसके परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसका पति और ससुराल के लोग दहेज की मांग कर रहे थे. पैसे नहीं दिए जाने की वजह से उन लोगों ने उसकी हत्या कर दी है. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
क्षेत्राधिकारी (नौतनवा) जय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि मृतक महिला की पहचान अंजलि यादव के रूप में हुई है. उसकी शादी करीब तीन साल पहले गणेश यादव से हुई थी. रविवार की रात में नौतनवा स्थित उसके ससुराल के एक कमरे में पंखे से लटकी उसकी लाश मिली है. सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय अस्पताल भेज दिया गया है.
क्षेत्राधिकारी ने आगे बताया कि अंजलि यादव के माता-पिता और रिश्तेदारों ने उसके पति और परिजनों पर दहेज की मांग को लेकर अंजलि की हत्या करने का आरोप लगाया है. उनकी तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है. इस मामले की जांच की जा रही है. मौत की सही वजह मृतक महिला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगी.
बताते चलें कि हमारे देश में दहेज प्रथा का आज भी प्रचलन बना हुआ है. यह प्रथा समाज के लिए एक कलंक बनकर रह गई है. सरकार द्वारा तमाम नियम कानून बनाए जाने के बावजूद दहेज लोभ खत्म नहीं हो रहा है. यही कारण है कि देश में आए दिन दहेज हत्या के मामले सामने आ रहे हैं. भले ही सरकार द्वारा दहेज कानून पास कर दिया गया और दहेज लेना-देना अपराध बन गया है, लेकिन आज भी गुपचुप तरीके से या खुलकर भी दहेज लिया और दिया जाता है. जो लड़की वाला दहेज में असमर्थ होता है, उनकी बेटी को प्रताड़ित किया जाता है.
केंद्र सरकार ने 2017 से 2021 तक हुई दहेज हत्याओं का आंकड़ा पेश किया था, जो बहुत ही चौंकाने वाला था. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा द्वारा राज्यसभा में दहेज हत्या को लेकर आंकड़े पेश किए गए थे. इसमें बताया गया कि देश में 2017 से 2021 के बीच प्रतिदिन करीब 20 दहेज हत्याएं दर्ज की गई. इनमें उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन सबसे अधिक 6 महिलाओं की मौतें दर्ज की गई थी.
साल 2017 और 2021 के बीच देश भर में 35493 दहेज हत्याएं हुई थीं. राज्यभा में दिए गए लिखित जवाब में मंत्री ने बताया था कि साल 2017 में 7466 दहेज हत्याएं, 2018 में 7167, 2019 में 7141, 2020 में 6966 और 2021 में 6753 हत्याएं हुई थी. इन पांच वर्षों में सबसे अधिक 11,874 दहेज हत्याएं उत्तर प्रदेश में दर्ज की गई थी, जिसमें हर दिन लगभग छह मौतें हुई थी.