सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने जी कृष्णैया की पत्नी को ओर से बिहार सरकार के आनंद मोहन की रिहाई के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बिहार सरकार और आनंद मोहन को नोटिस जारी कर दिया और दो हफ्ते बाद फिर से इस मामले पर सुनवाई करने की बात कही. सबसे बड़ा सवाल यही है कि कानून में लाया गया कोई बदलाव आखिर पहले सुनाई गई सज़ा पर कैसे लागू हो सकता है?
The biggest question in Bihar's Bahubali politician Anand Mohan's release case is how can any change brought in the law be applied to the sentence pronounced earlier. Watch this report.