राजस्थान के जोधपुर के एक गांव में खेती का काम करने वाले एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत पर अहम जानकारी निकल कर सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि लक्ष्मी ने नहीं बल्कि 25 साल की प्रिया ऊर्फ प्यारी ने परिवार के सदस्यों को जहर का इंजेक्शन देकर मारा है. लक्ष्मी और प्रिया ने पाकिस्तान से नर्सिंग का कोर्स किया था. पुलिस को शव के पास से जहर की शीशियां और इंजेक्शन मिले हैं.
(Photo Aajtak)
जांच में पाया गया है कि परिवार के सदस्यों को पहले नींद की गोलियां देकर सुलाया गया. ये सभी घर के बाहर चारपाई पर सो रहे थे इन्हें घसीटकर घर के अंदर लाया गया. फिर सभी लोगों को चूहे मारने की दवा का इंजेक्शन दिया गया है. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि परिवार का 12वां सदस्य इसलिए बच गया क्योंकि वो खाना खाकर नील गाय को भगाने चला गया और खेत पर ही सो गया था. जब सुबह वह घर लौटा तो सबको मृतक पाया.
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पुलिस का कहना है कि राम और उसके भाई रवि की शादी जोधपुर में एक ही परिवार में हुई थी. इनकी 4 बहनें थीं दो पाकिस्तान से नर्सिंग का कोर्स करके आई थीं. बाकी दो का रिश्ता भी जोधपुर के उसी परिवार में हुआ था. जिस परिवार में भाइयों का रिश्ता हुआ था. एक बहन पास में ही शादी करके रह रही थी. पारिवारिक क्लेश काफी दिनों से चल रहा था. इसी वजह से बुधाराम का एक बेटा वापस पाकिस्तान लौट गया.
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मौत भले ही पारिवारिक क्लेश की वजह से हुई है मगर परिवारों के बीच झगड़े की वजह गरीबी है. कुछ दिनों से दोनों परिवार जादू-टोना, टोटका और तांत्रिकों के चक्कर में भी फंसा हुआ था. पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट से पता चल रहा है कि परिवार में आपसी कलह ज्यादा थी.
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पुलिस ने इस मामले में किसी को अब तक गिरफ्तार नहीं किया है. परिवार के बचे शख्स की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई है. पुलिस का कहना कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. शवों का पोस्टमार्टम करने के बाद शवों अंतिम संस्कार भी कर दिया. सभी कि कोरोना की जांच सभी की नेगेटिव आई है.
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