असम में गुवाहाटी के मशहूर कामाख्या मंदिर में उस वक्त लोग दहशत में आ गए जब मंदिर के पास नीलांचल पहाड़ियों में एक महिला का सिर कटा हुआ शव मिला. कहा जा रहा है कि महिला की जादू टोने के चक्कर में नरबलि दी गई. पुलिस को शव के पास से पूजा की सामग्री भी बरामद हुई है.
बताया जा रहा है कि कामख्या मंदिर में शनिवार से सालाना अंबुबाची मेला शुरू होने वाला है. लेकिन इसके पहले ही महिला का सिर कटा शव मिलने से यहां दहशत का माहौल बन गया है. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है.
गुवाहाटी के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि, 'शव दुर्गा मंदिर जाने वाले रास्ते पर मिला. मृत महिला की उम्र 45 साल के आसपास लग रही है. महिला के शरीर के पास पूजा सामग्री पाई गई है. जांच अभी की जा रही है.
जॉइंट कमिश्नर देबराज उपाध्याय का कहना है, 'महिला के शरीर के पास पूजा सामग्री के अलावा खून के धब्बे मिले हैं. आरोपी को पकड़ने के लिए स्निफर डॉग्स की मदद ली जा रही है. पोस्टमॉर्टम के बाद ही पता चल सकेगा कि महिला की हत्या मंदिर परिसर में हुई है या कहीं और उसकी हत्या करके शव को मंदिर परिसर में रखा गया.
वहीं, मंदिर के पुजारी नरबलि की बात से इनकार कर रहे हैं. कामाख्या बारदेउरी समाज के सचिव भूपेश कुमार शर्मा का कहना है कि यह शरारती तत्वों की हरकत है. महिला की हत्या कहीं और करके माहौल बिगाड़ने के लिए शव को मंदिर में रखा गया है.
मालूम हो कि इसके पहले भी कामाख्या मंदिर में इस तरह की घटना सामने आ चुकी है. 2012 में मंदिर जाने वाले रास्ते पर एक पुरुष का कटा हुआ सिर मिला था. इसके बाद काफी तनाव की स्थिति बनी थी.
बताया जाता है कि साल 2003 में स्थानीय लोगों ने एक साधु को नरबलि देते हुए रंगे हाथ पकड़ा था. वह अपनी नाबालिग बेटी को कामाख्या देवी के लिए बलि दे रहा था. उसके पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.