Advertisement

ना गोली-बंदूक, ना चाकू-तलवार और मर्डर किए चार... दिल दहला देगी तीन सीरियल किलर महिलाओं की करतूत

गुंटूर जिले का इलाका तेनाली इन दिनों चर्चाओं में है. जिसकी वजह है वो तीन शातिर महिलाएं, जिन्होंने एक बाद एक चार लोगों की जिंदगी को खत्म कर दिया. उन्हें एक एक करके मार डाला. इस काम के लिए इन कातिल महिलाओं ने बंदूक, गोली या चाकू नहीं बल्कि सबसे खतरनाक जहर का इस्तेमाल किया.

तीनों महिलाओं ने मिलकर चार लोगों को बारी-बारी से मार डाला तीनों महिलाओं ने मिलकर चार लोगों को बारी-बारी से मार डाला
अपूर्वा जयचंद्रन
  • गुंटूर,
  • 06 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 9:38 PM IST

Three Serial Killer Women Arrested: जब भी सीरियल किलर की बात आती है, तो हर कोई एक ऐसे इंसान की कल्पना करता है, जो बेरहम और साइको टाइप का होता है. और ब़डी ही चालाकी से अपना शिकार तलाश करता है और उसकी जान ले लेता है. यही आमतौर पर होता है. लेकिन आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में सीरियल किलिंग का एक चौंकाने वाले मामला सामने आया है. जिसमें पुलिस ने किसी एक सीरियल किलर को नहीं, बल्कि तीन महिला सीरियल किलर्स को गिरफ्तार किया है. जिनकी खूनी कहानी आपको हैरान कर देगी.

Advertisement

गुंटूर जिले का इलाका तेनाली इन दिनों चर्चाओं में है. जिसकी वजह है वो तीन शातिर महिलाएं, जिन्होंने एक बाद एक चार लोगों की जिंदगी को खत्म कर दिया. उन्हें एक एक करके मार डाला. इस काम के लिए इन कातिल महिलाओं ने बंदूक, गोली या चाकू नहीं बल्कि सबसे खतरनाक जहर का इस्तेमाल किया. उस जहर को सारी दुनिया साइनाइड के नाम से जानती है. जिसका स्वाद आज तक कोई नहीं जानता.

पुलिस ने जिन तीन सीरियल किलर्स महिलाओं को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान मुनगप्पा रजनी (40), मदियाला वेंकटेश्वरी (32) और गुलरा रामनम्मा (60) के तौर पर हुई है. पुलिस के अनुसार, ये महिलाएं उन पीड़ितों को निशाना बनाती थीं, जिनके पास सोने के गहने या नकदी होती थी.

दरअसल, ये शातिर महिलाएं ऐसे लोगों से पहले दोस्ती करती थीं. फिर उनको भरोसे में लेती थीं. फिर किसी भी पेय पदार्थ में उन्हें साइनाइड मिलाकर पिलाती थीं. पीड़ित पेय पदार्थ पीने के पलभर बाद ही वो मर जाते थे और फिर ये महिलाएं उनका कीमती सामान चुरा कर फरार हो जाती थीं.

Advertisement

पुलिस को जांच में पता चला कि ये महिलाएं कम से कम चार हत्याओं में शामिल थीं, जिसमें नागुर बी नामक महिला की हत्या भी शामिल है, जिसकी इस साल जून में हत्या कर दी गई थी. इन महिलाओं ने दो अन्य लोगों को भी मारने की कोशिश की थी, लेकिन वे बच गए.

मुख्य आरोपी मदियाला वेंकटेश्वरी ने कंबोडिया जाने से पहले चार साल तक स्वयंसेवक के रूप में काम किया था, जहां वह साइबर अपराधों में शामिल थी. पुलिस ने महिलाओं के कब्जे से साइनाइड और अन्य सबूत जब्त किए हैं और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने कथित तौर पर उन्हें जहर की आपूर्ति की थी. 

पुलिस अधीक्षक सतीश कुमार ने कहा कि महिलाओं ने अपराध कबूल कर लिया है और उन्हें भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है, जिसमें 302 (हत्या), 379 (चोरी), 201 (साक्ष्यों को गायब करना) और 120 (बी) (आपराधिक साजिश) शामिल हैं. 

पुलिस ने महिलाओं पर आईपीसी की धारा 34 के तहत कई व्यक्तियों द्वारा समान इरादे से किए गए कृत्यों के लिए आरोप भी लगाए हैं. पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने और अजनबियों से आसानी से दोस्ती न करने की चेतावनी दी है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement