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जमीन बेचकर पढ़ाई के लिए भेजा था ऑस्ट्रेलिया, झगड़े के दौरान चाकू मारकर भारतीय छात्र की हत्या

यशवीर के मुताबिक, उनके भतीजे नवजीत संधू पर एक अन्य छात्र ने चाकू से जानलेवा हमला किया. नवजीत उस वक्त कुछ भारतीय छात्रों के बीच किराए के मुद्दे पर हुए विवाद में बीच बचाव कराने की कोशिश कर रहा था.

पीड़ित परिवार ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है पीड़ित परिवार ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है
aajtak.in
  • करनाल,
  • 06 मई 2024,
  • अपडेटेड 8:21 PM IST

ऑस्ट्रेलिया में एक भारतीय छात्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. कुछ भारतीय छात्रों के बीच झगड़े के दौरान इस वारदात को अंजाम दिया गया. मरने वाला 22 वर्षीय युवक एमटेक का छात्र था. जो झगड़े के दौरान घायल हो गया था. लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई. चंडीगढ़ में उसके घर पर मातम पसरा हुआ है. परिजनों के मुताबिक, वो जुलाई में छुट्टियों के दौरान अपने घर आना चाहता था.

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करनाल में रहने वाले पीड़ित परिवार के सदस्यों ने सोमवार को जानकारी देते हुए पीटीआई को बताया कि यह वारदात शनिवार को मेलबर्न में स्थानीय समयानुसार रात करीब नौ बजे हुई थी. पीड़ित के चाचा यशवीर के मुताबिक, उनके भतीजे नवजीत संधू पर एक अन्य छात्र ने चाकू से जानलेवा हमला किया. नवजीत उस वक्त कुछ भारतीय छात्रों के बीच किराए के मुद्दे पर हुए विवाद में दखल देने की कोशिश कर रहा था. 

यशवीर के मुताबिक, नवजीत के एक भारतीय दोस्त ने उससे अपना सामान लेने के लिए उसके घर चलने के लिए कहा था क्योंकि उसके पास कार थी. जब उसका दोस्त अंदर गया तो नवजीत ने कुछ चीखने चिल्लाने की आवाज़े सुनीं. उसने अंदर जाकर देखा कि वहां हाथापाई हो रही है. इस दौरान नवजीत ने बीच बचाव करने और उन लोगों को शांत करने की कोशिश की, तभी एक दूसरे लड़के ने उसकी छाती पर चाकू से हमला कर दिया.

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मृतक के चाचा यशवीर ने आगे बताया कि उनके भतीजे पर हमला करने वाला आरोपी छात्र भी करनाल का रहने वाला है. इस घटना की जानकारी उनके परिवार को रविवार की सुबह मिली. उन्होंने कहा कि नवजीत का वो दोस्त, जो वारदात के वक्त उसके साथ वह भी इस घटना में घायल हो गया. यशवीर के मुताबिक, उनका पूरा परिवार सदमे की हालत में है.

उन्होंने कहा कि उनका भतीजा नवजीत एक मेधावी छात्र था और उसे जुलाई में छुट्टियों के लिए अपने घर आना था. यशवीर के अनुसार, नवजीत डेढ़ साल पहले स्टडी वीजा पर ऑस्ट्रेलिया गया था. उसके पिता एक किसान हैं, जिन्होंने उसकी शिक्षा के लिए अपनी डेढ़ एकड़ जमीन बेच दी थी और उसे विदेश भेजा था. उन्होंने भारत सरकार से अपील करते हुए कहा कि नवजीत के शव को जल्द से जल्द भारत लाने में उनकी मदद की जाए.

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