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CrPC Section 24: जानें, क्या होती है सीआरपीसी की धारा 24?

सीआरपीसी (CrPC) की धारा 24 (Section 24) लोक अभियोजक (Public Prosecutors) से संबंधित है. आइए जानते हैं कि सीआरपीसी की धारा 24 (Section 24) क्या बताती है?

लोक अभियोजक से संबंधित है CrPC की धारा 24 लोक अभियोजक से संबंधित है CrPC की धारा 24
परवेज़ सागर
  • नई दिल्ली,
  • 11 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 9:12 PM IST
  • लोक अभियोजक से संबंधित है CrPC की धारा 24
  • 1974 में लागू की गई थी सीआरपीसी

दंड प्रक्रिया संहिता (Code of Criminal Procedure) में अदालत (Court) और प्रशासन (Administration) से जुड़ी प्रक्रिया और उनसे जुड़े प्रावधान (Provision) मौजूद हैं. सीआरपीसी (CrPC) की धारा 24 (Section 24) लोक अभियोजक (Public Prosecutors) और उनकी अधिकारिता से संबंधित है. आइए जानते हैं कि सीआरपीसी की धारा 24 (Section 24) क्या बताती है?

सीआरपीसी की धारा 24 (CrPC Section 24)
दंड प्रक्रिया संहिता (Code of Criminal Procedure) में धारा 24 (Section 24) का संबंध लोक अभियोजक (Public Prosecutors) से है. (1) प्रत्येक उच्च न्यायालय (High Court) के लिए, केंद्रीय सरकार (Central Government) या राज्य सरकार (State Government) उस उच्च न्यायालय (Court) से परामर्श के बाद, यथास्थिति, केंद्रीय या राज्य सरकार की ओर से उस उच्च न्यायालय में किसी अभियोजन (Prosecution) अपील या अन्य कार्यवाही (proceeding) के संचालन के लिए एक लोक अभियोजक नियुक्त (appoint) करेगी और एक या अधिक अपर लोक अभियोजक (Additional Public Prosecutors) नियुक्त कर सकती है।

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(2) केंद्रीय सरकार (Central Government) किसी जिले (District) या स्थानीय क्षेत्र (Local area) में किसी मामले या किसी वर्ग के मामलों के संचालन के प्रयोजनों के लिए एक या अधिक लोक अभियोजक (Public Prosecutors) नियुक्त (Appoint) कर सकती है.

(3) प्रत्येक जिले (District) के लिए, राज्य सरकार (State Government) एक लोक अभियोजक (Public Prosecutor) नियुक्त करेगी और जिले के लिए एक या अधिक अपर लोक अभियोजक (Additional Public Prosecutors) भी नियुक्त कर सकती है.

परंतु एक जिले के लिए नियुक्त लोक अभियोजक (Public Prosecutor) या अपर लोक अभियोजक (Additional Public Prosecutor) किसी अन्य जिले के लिए भी, यथास्थिति, लोक अभियोजक या अपर लोक अभियोजक नियुक्त किया जा सकता है.

(4) जिला मजिस्ट्रेट (District Magistrate) सेशन न्यायाधीश (Sessions Judge) के परामर्श (Consultation) से, ऐसे व्यक्तियों के नामों का एक पैनल तैयार करेगा जो, उसकी राय में, उस जिले के लिए लोक अभियोजक (Public Prosecutors) या अपर लोक अभियोजक (Additional Public Prosecutors) नियुक्त किए जाने के योग्य है.

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(5) कोई व्यक्ति राज्य सरकार (State Government) द्वारा उस जिले के लिए लोक अभियोजक (Public Prosecutor) या अपर लोक अभियोजक (Additional Public Prosecutor) नियुक्त नहीं किया जाएगा जब तक कि उसका नाम उपधारा (4) के अधीन जिला मजिस्ट्रेट (District Magistrate) द्वारा तैयार किए गए नामों के पैनल में न हो.

क्या होती है सीआरपीसी (CrPC)
सीआरपीसी (CRPC) अंग्रेजी का शब्द है. जिसकी फुल फॉर्म Code of Criminal Procedure (कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसिजर) होती है. इसे हिंदी में 'दंड प्रक्रिया संहिता' कहा जाता है. CrPC में 37 अध्याय (Chapter) हैं, जिनके अधीन कुल 484 धाराएं (Sections) मौजूद हैं. जब कोई अपराध होता है, तो हमेशा दो प्रक्रियाएं होती हैं, एक तो पुलिस अपराध (Crime) की जांच करने में अपनाती है, जो पीड़ित (Victim) से संबंधित होती है और दूसरी प्रक्रिया आरोपी (Accused) के संबंध में होती है. सीआरपीसी (CrPC) में इन प्रक्रियाओं का ब्योरा दिया गया है.

1974 में लागू हुई थी CrPC
सीआरपीसी के लिए 1973 में कानून (Law) पारित किया गया था. इसके बाद 1 अप्रैल 1974 से दंड प्रक्रिया संहिता यानी सीआरपीसी (CrPC) देश में लागू हो गई थी. तब से अब तक CrPC में कई बार संशोधन भी किए गए है.
 

 

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