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CCTV फुटेज, स्निफर डॉग और साजिश का ताला... ऐसे सुलझी दिल्ली में ट्रिपल मर्डर और बेटे के जुर्म की मिस्ट्री

साउथ दिल्ली के नेब सराय इलाके में हुए ट्रिपल मर्डर की पूरी कहानी अब सामने है. बेटे अर्जुन ने अपने मां-पिता और बहन का मर्डर पूरी तैयारी से किया था. पकड़े जाने के बाद उसने खुद पुलिस को बताया कि उसने कत्ल कब, कैसे और क्यों किया था. पूछताछ में पूरी वारदात का सच सामने आ चुका है.

पहले कातिल बेटा अर्जुन पुलिस को गुमराह कर रहा था पहले कातिल बेटा अर्जुन पुलिस को गुमराह कर रहा था
अरविंद ओझा
  • नई दिल्ली,
  • 05 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 4:45 PM IST

Delhi Triple Murder Case: राजधानी दिल्ली के नेब सराय इलाके में बुधवार को हुए तिहरे हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने कर दिया है. इसके बाद पुलिस ने जब कातिल को बेपर्दा किया तो हर कोई हैरान था. क्योंकि कातिल कोई और नहीं बल्कि मारी गई दंपति का बेटा और लड़की का भाई अर्जुन निकला. जबकि पहले दावा किया गया था कि वारदात के वक्त दंपति का बेटा मॉर्निंग वॉक पर गया था, तब अज्ञात बदमाशों ने घर में घुसकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया था. लेकिन अब सच सामने आ चुका है और कातिल पुलिस की पकड़े में.

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कब, कैसे और क्यों किया मर्डर
साउथ दिल्ली के नेब सराय इलाके में हुए ट्रिपल मर्डर की पूरी कहानी अब सामने है. बेटे अर्जुन ने अपने मां-पिता और बहन का मर्डर पूरी तैयारी से किया था. पकड़े जाने के बाद उसने खुद पुलिस को बताया कि उसने कत्ल कब, कैसे और क्यों किया था. पूछताछ में पूरी वारदात का सच सामने आ चुका है. आरोपी अर्जुन के मुताबिक, उसने पहले ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद अपनी बहन का गला रेता था और फिर सीढ़ियां चढ़कर ऊपर गया, जहां उसने अपने पिता और मां की हत्या कर दी थी. 

ऐसे ठिकाने लगाए थे सबूत
इसके बाद बारी थी सबूत मिटाने की. लिहाजा, उसने खून से सने कपड़े और चाकू को जिम वाले बैग में बाहर ले जाकर ठिकाने लगाया था. जब वो घर वापस लौटकर आया तो घर में जहां-जहां खून के धब्बे और निशान लग गए थे, उसने उन जगहों को साफ किया था. पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई की और ट्रिपल मर्डर की इस मिस्ट्री को कुछ ही घंटों में सुलझा लिया. पुलिस ने अर्जुन के खिलाफ एफआईआर संख्या 465/2024 यू/एस 103 (1) बी.एन.एस. दिल्ली के थाना नेब सराय में दर्ज की है.

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घर में पड़ी थी माता-पिता और बहन की खून से सनी लाश
इस कहानी का आगाज़ 4 दिसबंर की सुबह लगभग 6 बजकर 53 मिनट पर उस वक्त हुआ, जब थाना नेब सराय पुलिस को इलाके में तीन लोगों के घायल होने की एक पीसीआर कॉल मिली. सूचना मिलते ही पुलिस फौरन मौका-ए-वारदात पर पहुंची. जहां मौजूद मृतक दंपति के बेटे ने पुलिस को बताया कि वह सुबह साढ़े 5 बजे मॉर्निंग वॉक पर गया था और जब लौटकर वापस आया, तो उसने देखा कि उसके माता, पिता और बहन घर में खून से लथपथ पड़े थे. मृतकों की पहचान राजेश कुमार (51) उनकी पत्नी कोमल (46) और बेटी कविता (23) के रूप में की गई.

पुलिस ने की हर एंगल से जांच
इसके बाद पुलिस ने थाना नेब सराय में बीएनएस की धारा 103 (1) के तहत मामला दर्ज किया और छानबीन शुरू की. जांच के दौरान, टीम ने मौका-ए-वारदात और आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. खोजी कुत्ते सहित एफएसएल/क्राइम टीम को भी मौके पर बुलाया गया. घटनास्थल से सभी प्रासंगिक साक्ष्य उठाए गए. टीम ने तकनीकी स्रोतों के माध्यम से कुछ महत्वपूर्ण और खास इनपुट जमा किए. फिर तमाम सबूतों और जानकारी को वैरीफाई किया गया. मैनुअल और तकनीकी निगरानी के माध्यम से मिले कुछ महत्वपूर्ण सुरागों पर गौर किया गया.

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ना विवाद ना दुश्मनी, ना तोड़फोड़ ना चोरी
पुलिस ने शिकायतकर्ता अर्जुन से भी उस वक्त घटना के बारे में पूछताछ की. प्रथम दृष्टया, घर में कोई तोड़फोड़ या गड़बड़ी या सामान चोरी होने की बात सामने नहीं आई. सीसीटीवी फुटेज देखने पर मौका-ए-वारदात के आसपास कोई संदिग्ध दिखाई नहीं दिया. अब मामला पूरी तरह से उलझ गया था. छानबीन और मृतक के बेटे के बयान के अनुसार, घर से कुछ भी गायब नहीं था. ना ही घर में कोई जबरन प्रवेश या तोड़फोड़ हुई थी. पड़ोसियों से विस्तार से पूछताछ की गई, लेकिन मृतकों का कोई विवाद या दुश्मनी सामने नहीं आई.

जाच में संदिग्ध पाया गया अर्जुन का बयान 
इसके बाद पुलिस ने व्यक्तिगत दुश्मनी के एंगल से भी जांच की. स्थानीय मुखबिरों को काम पर लगाया गया. खुफिया जानकारी जमा की गई. टीम ने इस मामले के तमाम पहलुओं पर काम किया. इस दौरान पुलिस ने मृतक के बेटे अर्जुन का बयान संदिग्ध पाया. क्योंकि उसके बयानों में बहुत विरोधाभास था. शुरू में बेटे ने पुलिस की जांच को गुमराह करने की कोशिश भी की. लेकिन लगातार पूछताछ करने पर वह टूट गया और उसने जुर्म करना कबूल कर लिया.

पहले ही रच डाली थी साजिश 
अब पुलिस सुन रही थी और कातिल बेटा बोल रहा था. अर्जुन ने पुलिस को बताया कि उसने अपने परिवार को खत्म करने की योजना पहले से ही बना ली थी. उसने अपने खूनी प्लान को पूरा करने के लिए 4 दिसंबर का दिन चुना. क्योंकि उस दिन उसके माता-पिता की शादी की सालगिरह थी. उस दिन वो खूनी साजिश के तहत सुबह साढ़े 5 बजे घर से मॉर्निंग वॉक के नाम पर बाहर चला गया था ताकि कोई उस पर शक न कर सके.

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ट्रिपल मर्डर का मोटिव
जांच और पूछताछ के दौरान आरोपी अर्जुन ने खुलासा किया कि उसके पिता एक पूर्व सैनिक थे. वह आम तौर पर उसे दैनिक काम और पढ़ाई के लिए डांटते थे. हाल ही में, उसके पिता रमेश ने घर के बाहर कुछ लोगों के सामने उसे डांटा था और पिटाई की थी. दूसरों के सामने हुए इस अपमान के कारण वो बहुत गुस्से में था. वो अपने पिता और परिवार के सदस्यों से गहरी दुश्मनी मान बैठा था क्योंकि कोई भी उसका साथ नहीं देता था. वह उपेक्षित और अकेला महसूस करता था. इसी दौरान उसे पता चला कि उसके पिता अपनी संपत्ति उसकी बहन को दे रहे हैं, तो वह और गुस्से में आ गया, उसने उन सभी को मारने का फैसला कर लिया. अपनी साजिश को पूरा करने के लिए उसने घर में पहले से खंजरनुमा चाकू रखा था. वारदात के दिन उसने उसी चाकू से सुबह-सुबह अपने माता-पिता और बहन की हत्या कर दी. उसने वारदात को उस वक्त अंजाम दिया, जब वे सो रहे थे.

मुक्केबाज है आरोपी अर्जुन
आरोपी अर्जुन की उम्र 20 साल है. वह दिल्ली विश्वविद्यालय में बी.ए. द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है. वह एक प्रशिक्षित मुक्केबाज है और उसने मुक्केबाजी स्पर्धा में दिल्ली राज्य का प्रतिनिधित्व किया था, जहां उसने रजत पदक जीता था. उसने आर्मी पब्लिक स्कूल, धौला कुआं से अपनी पढ़ाई की थी.
 

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