
राजधानी दिल्ली के दो अलग-अलग इलाकों में गुरुवार को दो लोगों का बेरहमी से कत्ल किया गया. पुलिस दोनों ही मामलों की छाबनीन में जुट गई. और महज 13 घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस के हाथ कातिलों तक जा पहुंचे. इस काम में पुलिस के मददगार बने सीसीटीवी कैमरे. जिनकी फुटेज के आधार पर ही पुलिस ने इन दोनों मामलों को खुलासा कर दिया.
ये दोनों वारदात पूर्वी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों की हैं. दरअसल, गुरुवार की सुबह करीब 3 बजे न्यू अशोक नगर में पुलिस को सूचना मिली कि जल बोर्ड ट्रीटमेंट प्लांट के पास एक एक्सीडेंट हुआ है, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया है.
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) अभिषेक धानिया ने एक बयान में कहा कि दरअसल, घटना को दुर्घटना बताया गया था. छानबीन करने पर बाद में पता चला कि यह हत्या का मामला है. डीसीपी ने आगे कहा कि जब पुलिस टीमें कोंडली ब्रिज और दल्लूपुरा मोड़ के बीच ट्रीटमेंट प्लांट के पास पहुंचीं, तो उन्होंने मुख्य सड़क पर बड़ी मात्रा में खून देखा.
डीसीपी अभिषेक धानिया ने पीटीआई को बताया कि घायल व्यक्ति की उम्र 30 साल के आसपास है और उसे लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. उसकी जांच करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि पीड़ित के शरीर पर चाकू से कई वार किए गए थे.
इसके बाद पुलिस ने कत्ल के इस मामले में एफआईआर दर्ज की और मामले की जांच शुरू कर दी. तफ्तीश के दौरान पुलिस ने मौका-ए-वारदात के आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दी.
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) अभिषेक धानिया ने बताया कि न्यू अशोक नगर पुलिस जब इस मामले की जांच कर रही थी, तभी गाजीपुर पुलिस स्टेशन को सुबह करीब 11.30 बजे एक कॉल मिली, जिसमें बताया गया कि पेपर मार्केट इलाके में शराब की दुकान के पीछे एक व्यक्ति की लाश पड़ी है. सूचना मिलते ही एक पुलिस टीम मौके पर पहुंची और एक खाली प्लॉट से लाश बरामद कर ली.
शिनाख्त की कार्रवाई शुरू की गई तो मृतक की पहचान गाजीपुर के कुम्हार बस्ती निवासी 49 वर्षीय रमेश के रूप में हुई. मृतक के बेटे सनी ने उसकी पहचान की पुष्टि कर दी. क्राइम टीम ने मौका-ए-वारदात का निरीक्षण किया. इस दौरान डॉक्टरों और जांच अधिकारियों ने देखा कि पीड़ित की बाईं जांघ पर तीन गहरे जख्म के निशान थे.
डीसीपी के मुताबिक, आस-पास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में एक परेशान करने वाला दृश्य सामने आया, जिसमें चार युवक पीड़ित पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे थे. छानबीन के दौरान जल्द ही पता चला कि अलग-अलग जगहों पर हुई ये दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हुई हैं, और दोनों ही वारदातों के लिए हमलावरों का एक ही ग्रुप जिम्मेदार है.
ये तस्वीर साफ हो जाने के बाद डीसीपी के आदेश पर एसीपी कल्याणपुरी और एसीपी ऑपरेशन के नेतृत्व में चार पुलिस टीमें बनाई गईं. न्यू अशोक नगर, एंटी-नारकोटिक स्क्वॉड, स्पेशल स्टाफ और गाजीपुर पुलिस स्टेशन की टीमों ने मामले की जांच शुरू कर दी. इन टीमों ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरों के जरिए निगरानी की.
डीसीपी के अनुसार, इस कोशिश का नतीजा ये निकला कि जांचकर्ता सीधे तौर पर अपराध में शामिल चार किशोरों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने में कामयाब हो गए. इसके बाद, पांचवें संदिग्ध आरोपी को भी पकड़ लिया गया. फोरेंसिक विश्लेषण और वीडियो निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों हत्याओं में अपराधियों का एक ही गैंग शामिल था.
डीसीपी ने कहा कि नशे की हालत में किशोरों ने पहले गाजीपुर में हत्या की और बाद में न्यू अशोक नगर में एक राहगीर को अपना शिकार बनाया. न्यू अशोक नगर की घटना गाजीपुर की घटना के कुछ समय बाद हुई, जिसकी जानकारी सुबह 11.30 बजे पुलिस को मिली.
इसके बाद डीसीपी अभिषेक धानिया ने गाजीपुर हत्याकांड के पीछे के मकसद भी साझा किया. डीसीपी ने कहा कि आरोपी किशोर जन्मदिन मनाने के लिए पेपर मार्केट में एक शराब की दुकान पर जमा हुए थे. तभी वहां उनके और रमेश के बीच बहस हो गई. ये बहस इतना बढ़ गई कि उन्होंने उसे चाकू मार दिया. इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से निकल गए.
इसके बाद हमलावरों का गिरोह न्यू अशोक नगर पहुंचा. जहां नशे की हालत में दल्लूपुरा रोड के पास उन लोगों ने एक राहगीर को लूटने की कोशिश की. जब पीड़ित राहगीर ने उनका विरोध किया, तो उन्होंने उसे चाकू मार दिया और मौका-ए-वारदात से भाग निकले. इसके बाद नाबालिग आरोपियों को शाम 4 बजे के आसपास पकड़ लिया गया. और इस तरह 13 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन भी खत्म हुआ.