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धनबाद जज मौत: CBI ने दर्ज की 2 FIR, जानकारी देने पर मिलेंगे 10 लाख

पिछले दिनों जज की मौत का सुराग देने वाले को सीबीआई ने 5 लाख रुपए इनाम देने की घोषणा की थी. अब यह राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दी गई है. सीबीआई ने इसके लिए विभिन्न चौक-चौराहों पर पोस्टर चिपकाया है.

धनबाद जज मौत में सीबीआई ने बढ़ाई इनाम राशि धनबाद जज मौत में सीबीआई ने बढ़ाई इनाम राशि
सत्यजीत कुमार
  • रांची,
  • 08 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 8:33 PM IST
  • जज मौत मामले में सीबीआई ने बढ़ाई इनाम राशि
  • जानकारी देने पर मिलेंगे 10 लाख

पूर्व जज उत्तम आनंद की मौत की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं. पिछले दिनों जज की मौत का सुराग देने वाले को सीबीआई ने 5 लाख रुपए इनाम देने की घोषणा की थी. अब यह राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दी गई है. सीबीआई ने इसके लिए विभिन्न चौक-चौराहों पर पोस्टर चिपकाया है. 7827728856, 011-24368640, 011-24368641 पर कॉल कर सीबीआई को जानकारी दे सकते हैं.

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जज मौत मामले में सीबीआई ने बढ़ाई इनाम राशि

जज मौत मामले में सीबीआई दोनों आरोपी राहुल वर्मा और लखन वर्मा को गुजरात ले गई थी. दोनों का नार्को टेस्ट और ब्रेन मैपिंग कराया गया था. इसके बाद दोनों आरोपियों को फिर से धनबाद कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया था. बताया जा रहा है कि नार्को टेस्ट और ब्रेन मैपिंग के दौरान सीबीआई को कुछ ज्यादा कामयाबी हाथ नहीं लगी. लेकिन अब धनबाद के जज उत्तम आनंद की हत्या के मामले में सीबीआई  ने दो और प्राथमिकियां दर्ज की हैं. सीबीआई ने एक प्राथमिकी ऑटो चोरी के मामले में और एक फोन चोरी के मामले में दर्ज की है.

जानकारी के लिए बता दें कि सीबीआई जांच में सामने आया था कि जज की हत्या से पहले दोनों आरोपियों ने रेलवे ठेकेदार पूर्णेन्दु विश्वकर्मा के पास से तीन मोबाइल फोन चुराए थे. इसी फोन से दोनों लगातार बात कर रहे थे. हालांकि, फोन में जिन सिमकार्ड का उपयोग किया जा रहा था, वह दोनों आरोपियों के ही थे. फोन चोरी होने के बाद पूर्णेन्दु विश्वकर्मा ने इसकी रिपोर्ट एक लोकल पुलिस थाने में दर्ज कराई थी, लेकिन वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया. लापरवाही बरतने पर कांस्टेबल विजय यादव को निलंबित कर दिया गया था.

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सीबीआई जांच कहा तक पहुंची?

28 जुलाई को मॉर्निंग वॉक के दौरान धनबाद न्यायालय में पदस्थापित जज उत्तम आनंद की ऑटो से टक्कर लगने की वजह से मौत हो गई थी. इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई थी. पुलिस के  अधिकारियों के नेतृत्व में एसआईटी की टीम मामले की जांच कर रही थी. बाद में राज्य सरकार की अनुशंसा और हाईकोर्ट के निर्देश पर पूरे मामले की तहकीकात सीबीआई कर रही है. अब जांच तो फिर शुरू हुई है लेकिन अभी तक ये गुत्थी नहीं सुलझ रही कि ये एक हत्या है या फिर सिर्फ एक एक्सीडेंट?

इससे पहले जब सीबीआई ने हाई कोर्ट के सामने प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की थी तब उसमें किसी भी तरह के षड्यंत्र का जिक्र नहीं था. तब सिर्फ इतना कहा गया था कि ऑटो से लगे धक्के की वजह से जज की मौत हुई. उसी वजह से कोर्ट ने सीबीआई से षड्यंत्र वाले बिदुंओं पर भी जांच करने के निर्देश दिए थे. 

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