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छावला गैंगरेप-मर्डर केस में पुलिस तफ्तीश का वीडियो, जानें दरिंदगी की पूरी कहानी

मामला फरवरी 2012 का है. दिल्ली के छावला की रहने वाली 19 साल की युवती गुड़गांव से काम खत्म कर बस से घर लौट रही थी. बस से उतरकर पैदल जाने लगी, तभी पीछे से आए कार सवार तीन युवक अगवा कर ले जाते हैं. बदमाश युवती को हरियाणा ले जाते हैं और घंटों तक ज्यादती करते रहे. उसके प्राइवेट पार्ट को जलाया और मार डाला.

छावला गैंगरेप-मर्डर केस छावला गैंगरेप-मर्डर केस
मो. हिज्बुल्लाह/नितिन जैन/हिमांशु मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 11 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 3:14 PM IST

दिल्ली का 10 साल पुराना छावला गैंगरेप और मर्डर केस एक बार फिर चर्चा में है. वजह सुप्रीम कोर्ट का फैसला. SC ने इस केस में तीनों दोषियों को बरी कर दिया. इस फैसले को सुनकर हर कोई हैरान रह गया. अब आजतक के पास पुलिस की तफ्तीश का EXCLUSIVE वीडियो हाथ लगा और एक बड़ा खुलासा हुआ है. जी हां, छावला केस की तफ्तीश का ये वीडियो आपकी आंखें खोल देगा. वीडियो में मुल्जिम की निशानदेही पर लाश की बरामदगी के फुटेज हैं. आज गिरफ्तार मुल्जिमों की ज़ुबानी सुनिए दरिंदगी की पूरी कहानी...

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तारीख- 13 फरवरी 2012. शाम करीब 6.30 बजे. जगह- हरियाणा का रेवाड़ी. अंधेरे में पुलिस टीम हथकड़ियों में जकडे़ एक शख्स को खेतों और झाड़ियों के बीच से कहीं लेकर जा रही है. पुलिस के शिकंजे में मौजूद शख्स जैसे-जैसे इशारा करता जा रहा है, पुलिस की टीम वैसे-वैसे आगे बढ़ती जा रही है. और फिर करीब 50 कदम के फासले पर पहले पुलिस को एक फूटा हुआ घड़ा दिखाई देता है, वो घड़ा जिसका इस्तेमाल कातिलों ने एक लड़की को मारने के लिए किया था. फिर आगे वो दिखाई देता है, जिसे हम आपको हु-ब-हू दिखा भी नहीं सकते. 

लड़की के जिस्म पर दागे और काटे जाने के निशान थे!

इस सुनसान इलाके में खेतों के बीच पड़ी एक लड़की की लाश है. जी हां, उस लड़की की लाश, पुलिस के मुताबिक जिसका कत्ल इस लड़के और इसके दोस्तों के हाथों हुआ. वो लड़की जिसके कत्ल से पहले कातिलों ने ना सिर्फ उसके साथ गैंगरेप किया, बल्कि मौत से पहले उसे इतनी यातनाएं दीं कि एक लड़की की इस लाश देखने वाले भी सिहर उठे. लड़की के पूरे जिस्म पर जगह-जगह दागे और काटे जाने के निशान थे. चेहरा पूरी तरह जला हुआ था और यहां तक कि लड़की की आंखें भी निकाल ली गई थीं और उसका पूरा चेहरा तेजाब से पूरी तरह जला दिया गया था.

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ट्रायल और हाई कोर्ट ने दिया था मुजरिम करार

पुलिस की इस तफ्तीश मुल्जिम की निशानदेही पर लाश की बरामदगी, डीएनए रिपोर्ट, तमाम परिस्थितिजन्य साक्ष्य और दूसरे सबूतों के बावजूद आज तक इस मामले का नतीजा सिफर है. जी हां, वारदात के 10 साल बाद आज इस मामले के सारे के सारे आरोपी सुप्रीम कोर्ट से बरी हो चुके हैं. वो आरोपी जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से पहले ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट ने ना सिर्फ मुजरिम करार दिया था, बल्कि लड़की के कत्ल के इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर मानते हुए सभी को फांसी की सजा सुनाई थी. 

जी हां, मुल्जिमों की निशानदेही पर एक लड़की की लाश का ये वीडियो उसी छावला गैंगरेप और मर्डर केस का है, जिसने इन दिनों पूरे देश को सकते में डाल रखा है और इसकी वजह भी सीधी-सी है. एक ऐसा केस जिसमें ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट मुल्जिमों को मुजरिम करार देते हुए उन्हें फांसी की सजा देता है, सुप्रीम कोर्ट में पहुंचते ही वो मामला ना सिर्फ सिर के बल पलट जाता है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट सभी आरोपियों को पुलिस की जांच में कमी का हवाला देते हुए बरी कर देता है. इस केस पर पुलिस की जांच में क्या कमी रही? सुप्रीम कोर्ट ने किस आधार पर मुल्जिमों को बरी कर दिया? 

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मौके पर मिले थे वारदात से जुड़े सबूत

इस पर चर्चा आगे करेंगे, लेकिन फिलहाल इस वीडियो में देखिए कि कैसे 13 फरवरी 2012 की उस रात पुलिस ने ना सिर्फ इस केस के मुल्जिमों की निशानदेही पर रेवाड़ी के खेतों से छावला से अगवा कर गैंगरेप के बाद मार डाली गई लड़की की लाश बरामद की थी, बल्कि कैसे मौके पर इस वारदात से जुड़े कई सबूत बिखरे पड़े थे.

वीडियो में पुलिस को लाश तक पहुंचाते हैं मुल्जिम

इस वीडियो में पुलिस के शिकंजे में एक-एक कर दो मुल्जिम दिखाई देते हैं. चूंकि मुल्जिमों की पहचान परेड नहीं हुई है, इसलिए उनके चेहरे पर कपड़ा बंधा है यानी ये बापर्दा गिरफ्तारी है. इसके बाद पुलिस एक-एक कर मुल्जिमों के बताने पर मौका-ए-वारदात की तरफ बढ़ती जाती है और मुल्जिम लाश तक पहुंचने से पहले का पूरा रूट पुलिसवालों को दिखाते जाते हैं. रास्ते में वो उस घडे़ के पास भी रुकते हैं, जिससे पानी पिलाने के बाद उन्होंने कथित तौर पर घड़े को लड़की के सिर पर पटक दिया था.

लाश की तरफ भी नहीं था आसान

इसके बाद एक-एक कर दोनों मुल्जिम पुलिस को उस लाश तक लेकर पहुंचते हैं, जिसकी इन लड़कों ने 9 फरवरी की शाम को दिल्ली के छावला इलाके से अगवा करने के बाद हत्या कर दी थी. और जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं, इस लाश की हालत इतनी खराब है कि उसकी तरफ देखना भी मुश्किल है. और ऐसा हुआ है- लड़की से दरिंदगी को कथित तौर पर इन्हीं मुल्जिमों ने अंजाम दिया था. 

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मौके से मिला था एक मेल वॉलेट...

हालांकि मौका-ए-वारदात पर दूसरे कई सबूतों के साथ एक मेल पर्स यानी वॉलेट भी पुलिस को पड़ा हुआ मिलता है. इस वॉलेट को मुल्जिम अपना पर्स बताते हुए इसकी तस्दीक भी करते हैं. कत्ल में इस्तेमाल की गई दूसरे चीजें, गाड़ी का जैक वगैरह भी पुलिस के हाथ लगते हैं, जिनकी आगे चल कर फॉरेंसिक जांच भी होती है, लेकिन इस केस का नतीजा अब आपको पता है और वो ये है कि ये सभी के सभी मुल्जिम सुप्रीम कोर्ट से बरी कर दिए गए हैं. हालांकि, आजतक इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.

ये है पूरा मामला

मामला फरवरी 2012 का है. छावला की रहने वाली 19 साल की युवती गुड़गांव से काम खत्म कर बस से घर वापस लौट रही थी. कुछ देर बाद वो बस से उतरी और अपने घर की तरफ पैदल जाने लगी. तभी पीछे एक लाल रंग की कार आती है और उसमें सवार तीन युवक जबरन पकड़कर कार में खींच लेते हैं और उसे अगवा कर ले जाते हैं. बदमाश युवती को हरियाणा ले जाते हैं. कार में उसके साथ घंटों तक ज्यादती करते रहे. वहां पहुंचकर सबसे पहले तीनों ने एक दारु के ठेके से शराब खरीदी और फिर कार को एक सुनसान जगह पर ले जाकर शराब पीते हुए रोशनी के साथ दरिंदगी करने लगे. 

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लड़की की आंखें फोड़ी, फिर भर दिया था बैटरी का तेजाब

तीनों दरिंदों ने उस लड़की के जिस्म को नोंचने में कोई कसर नहीं छोड़ी. उसके जिस्म को कई जगह से दातों से काटा गया. उसके सिर पर घड़े से हमला किया. दरिंदे यही नहीं रुके, उन्होंने गाड़ी से लोहे का पाना और जैक निकालकर उसके सिर पर वार किया. दरिंदों ने उसे जला कर बदशक्ल करने के लिए गाड़ी के साइलेंसर से दूसरे औजारों को गर्म कर उसके जिस्म को जगह-जगह दाग दिया. यहां तक कि उसके प्राइवेट पार्ट को भी जलाया गया. इसके बाद आरोपियों ने बीयर की बोतल फोड़ी और उससे लड़की के पूरी जिस्म को तब तक काटते रहे. युवती की मौत हो चुकी थी. इसके बाद उसके प्राइवेट पार्ट में भी टूटी बोतल घुसा दी थी. उन दरिदों ने लड़की की आंखें फोड़कर उनमें कार की बैटरी का तेजाब भर दिया था.

पुलिस की पकड़ में आए आरोपी

युवती के पिता गार्ड की नौकरी करते थे. जब लड़की घर नहीं लौटी तो परिवार ने पुलिस को सारी घटना के बारे में बताया. जबकि दिल्ली पुलिस ने उनसे कहा कि संदिग्ध बदमाशों को ढूंढ़ने के लिए उनके पास गाड़ी उपलब्ध नहीं है. इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की. पता चला कि तीनों आरोपी हरियाणा के ही रहने वाले थे. ये तीनों ही कार ड्राइवर थे. पुलिस ने उनकी मोबाइल फोन लोकेशन और कार की पहचान करके तीनों को एक-एक धर दबोचा था.

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मोहम्मद हिज्बुल्लाह के साथ हिमांशु मिश्रा की रिपोर्ट

 

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