
तिहाड़ जेल में मंगलवार सुबह गैंगस्टर सुनील मान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया की विरोधी गैंग के लोगों ने हत्या कर दी. बताया जा रहा है कि योगेश टुंडा और उसके साथी दीपक तीतर ने लोहे की रॉड से हमला कर उसकी जान ले ली. दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में 24 सितंबर 2021 को हुए शूटआउट में टिल्लू ताजपुरिया का नाम सामने आया था. इस शूटआउट में गैंगस्टर जितेंद्र उर्फ गोगी की हत्या कर दी गई थी.
जानकारी के मुताबिक वारदात वाले दिन सुबह करीब 10 बजे गोगी और अफसर को पुलिसकर्मी तिहाड़ जेल से सरकारी गाड़ियों से कस्टडी में लेकर रोहिणी कोर्ट पहुंचे थी और लॉकअप में बंद कर दिया था. मुल्जिम अफसर को कोर्ट नम्बर 304 में पेश करने के बाद वापस लॉकअप (कोर्ट की लॉकअप) में बंद किया गया था. करीब 1 बजकर 10 मिनट पर जितेंद्र गोगी की पेशी के लिए सभी स्टाफ के साथ 207 कोर्ट नम्बर में ASJ गगन दीप सिंह की कोर्ट के लिए रवाना हुए थे. मुल्जिम के हाई रिस्क होने की वजह से सब मुस्तैद थे. स्पेशल सेल को भी इस बारे में सूचना दी गई थी ताकि उचित सुरक्षा में पेश किया जा सके. जितेंद्र गोगी के पेशी के दौरान सभी सुरक्षा इकाइयों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे.
उस दिन स्पेशल सेल की अलग-अलग यूनिट के करीब 8 पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में हथियारों से लैस होकर गोगी के साथ कोर्ट में मौजूद थी, जबकि दिल्ली पुलिस की 3 बटालियन का एक अन्य वाहन भी वहां मौजूद था, जिसमें करीब 7 से 8 जवान हथियारों के साथ गोगी को लेकर वहां पहुंचे थे.
ASJ गगनदीप सिंह साहब कोर्ट की प्रोसिडिंग में मशगूल थे. उस वक्त कोर्ट रूम में नयाब कोर्ट और कोर्ट स्टाफ के अलावा 5-6 वकील थे. अचानक कुर्सियों से 2 व्यक्ति वकील की ड्रेस में उठे और दोनों ने अपने हथियार निकालकर जितेंद्र गोगी को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं.
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गैंगस्टर गोगी को 8 से ज्यादा गोली मारी गई थीं. बदमाशों की फायरिंग होते ही, स्पेशल सेल के जवान हरकत में आ गए और जवाबी कार्रवाई में कई राउंड फायरिंग की गई, जिसमें दोनों हमलावर मार दिए गए थे. रोहिणी कोर्ट में हुए सनसनीखेज शूटआउट के वक्त सुनील मान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया मंडोली जेल में बंद था.
जांच में पता चला था कि गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की हत्या की साजिश एक महीने पहले मंडोली जेल में रच ली गई थी. हत्या की योजना बनाने में टिल्लू ने लॉ ग्रेजुएट और शूटर की मदद ली थी. वारदात को अंजाम देने से पहले अदालत परिसर की सिक्योरिटी की रेकी भी की गई थी.
बताया गया था कि बदमाश वारदात से पहले एक मॉल में गए थे. यहां उन्होंने वकीलों की पोशाक पहनी थी उसके बाद कोर्ट में गोगी की हत्या कर दी थी. लॉ ग्रेजुएट ने अदालत के कामकाज से शूटर को पहले ही वाकिफ कर दिया था ताकि साजिश को अंजाम तक पहुंचाने में कोई रुकावट न आए.