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गोलियों की बौछार, विदेशी कनेक्शन... नफे सिंह राठी हत्याकांड में तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर काला जठेड़ी से क्यों सकती है पूछताछ?

इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस में अब जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर काला जठेड़ी से भी पूछताछ की जाएगी. साल 2021 में सागर धनखड़ हत्याकांड के बाद काला जठेड़ी को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उस पर सात लाख का इनाम था. ये वही काला जठेड़ी है, जिससे रेसलर सुशील कुमार ने खुद को जान का खतरा भी बताया था.

नफे सिंह हत्याकांड में CBI काला जठेड़ी से जेल में ही पूछताछ करेगी नफे सिंह हत्याकांड में CBI काला जठेड़ी से जेल में ही पूछताछ करेगी
परवेज़ सागर
  • नई दिल्ली,
  • 27 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 3:44 PM IST

INLD Leader Nafe Singh Murder Case: हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के वरिष्ठ नेता नफे सिंह राठी (Nafe Singh Rathi) की हत्या के बाद कुख्यात गैंगस्टर काला काला जठेड़ी का नाम एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है. रविवार की शाम एक रेलवे फाटक पर इनेलो नेता नफे सिंह राठी की सरेआम गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले की जांच सरकार ने सीबीआई के हवाले कर दी है. इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस में अब जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर काला जठेड़ी से भी पूछताछ की जाएगी. सागर धनखड़ हत्याकांड के बाद काला जठेड़ी को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उस पर सात लाख का इनाम था. ये वही काला जठेड़ी है, जिससे रेसलर सुशील कुमार ने खुद को जान का खतरा भी बताया था. आइए जानते हैं आखिर कौन है ये कुख्यात अपराधी काला जठेड़ी? 

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पकड़े जाने से पहले विदेश में बैठकर चलाता था गैंग
काला जठेड़ी का असली नाम संदीप उर्फ काला है. वह हरियाणा सोनीपत का रहने वाला है. उसके नाम के साथ जठेड़ी कब जुड़ गया ये तो पुलिस भी नहीं जानती. हालांकि पुलिस के पास उसकी और उसके गुर्गों की करतूतों की एक लंबी फेहरिस्त है. बताया जाता है कि काला जठेड़ी कभी दुबई तो कभी मलेशिया में बैठकर हिंदुस्तान में अपना गैंग ऑपरेट कर रहा था. 

20 साल पहले दर्ज हुआ था पहला केस
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक कुछ साल पहले काला जठेड़ी की दोस्ती कुछ बदमाशों से हो गई थी. उस दौरान उसके खर्चे भी बढ़ गए थे. अपने खर्चे पूरे करने के लिए उसने अपने मां बाप से पैसों की मांग की, लेकिन फिर भी उसके खर्चे पूरे नहीं हुए. इसके बाद उसने झपटमारी का काम शुरू कर दिया. काला जठेड़ी के खिलाफ दिल्ली में पहला मुकदमा 29 सितंबर 2004 को दर्ज हुआ था.

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दिल्ली में दर्ज हुई थी पहली FIR
उस दिन जठेड़ी अपने साथियों के साथ सिरसपुर इलाके में एक शख्स का मोबाइल छीन कर भाग रहा था लेकिन पुलिस ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था. इस मामले में काला जठेड़ी के खिलाफ दिल्ली के समयपुर बादली में पहली एफआईआर दर्ज हुई थी, लेकिन एक बार जेल से छूटने के बाद काला जठेड़ी ने एक के बाद एक कई वारदातों को अंजाम दिया. 

विवादित संपत्तियों में दखल
शुरुआत में काला जठेड़ी झपटमारी, लूटपाट और हत्या की कोशिश जैसी वारदातों को अंजाम दिया करता था, लेकिन देखते ही देखते जठेड़ी ने अपनी गैंग बना लिया और जबरन उगाही करने के साथ-साथ, वो विवादित संपत्तियों में दखल देने लगा. काला जठेड़ी पर दिल्ली पुलिस ने एक लाख का इनाम रखा था. लेकिन वो इतना कुख्यात बन गया कि हरियाणा पुलिस ने काला जठेड़ी की गिरफ्तारी पर सात लाख का इनाम घोषित किया हुआ था. 

रेसलर ने की थी जठेड़ी के भांजे की पिटाई
साल 2021 में 4 और 5 मई की रात काला जठेड़ी का भांजा सोनू महाल सागर धनखड़ के साथ मौजूद था. उसी दिन उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. उस वारदात के दौरान सोनू महाल भी मारपीट में घायल हुआ था. तब तक रेसलर सुशील को नहीं पता था कि सोनू महाल कुख्यात गैंगस्टर काला जठेड़ी का भांजा है. सागर हत्याकांड के बाद रेसलर सुशील कुमार को जब ये पता चला था, तो उसने माफी मांगने के लिए सोनू महाल के मामा गैंगस्टर काला जठेड़ी को फोन भी किया था. 

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लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन
जानकारी के मुताबिक एक तरह से काला जठेड़ी लॉरेंस बिश्नोई गैंग का भी मुखिया बना हुआ था और दिल्ली के अलावा राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपने काले कारनामों को अंजाम दे रहा था. बताया जाता है कि वो लॉरेंस के इशारे पर ही काम कर रहा था. विदेशों में मौजूद कुछ गैंगस्टर भी उसके संपर्क में थे.

जठेड़ी की गिरफ्तारी से पुलिस को मिली थी राहत
दिल्ली के ज्यादातर बदमाशों को पुलिस ने तिहाड़ जेल पहुंचा दिया था. लेकिन काला जठेड़ी ही पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था. वो विदेश में बैठकर अपना गैंग बढ़ा रहा था और उसका विस्तार भी कर रहा था. बताया जाता है कि काला जठेड़ी और लॉरेंस बिश्नोई की मुलाकात नजफगढ़ के रहने वाले एक शख्स ने कराई थी और उसके बाद से ही काला जठेड़ी लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कामकाज संभालने लगा था. काला जठेड़ी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता थी.

ऐसे हुआ था अहम खुलासा
गौरतलब है कि गैंगस्टर काला जठेड़ी, फरवरी 2020 में फरीदाबाद से पुलिस हिरासत के दौरान फरार हो गया था. जब पुलिस उसे तलाश कर रही थी, तब पुलिस के हत्थे चढ़े एक बदमाश नितीश कुमार ने पूछताछ में बताया था कि काला जठेड़ी हरियाणा में ही छुपा हुआ है. उसने दूसरे गैंग और पुलिस को गुमराह करने के लिए यह अफवाह खुद फैलाई कि वो विदेश में रहकर अपना गैंग चला रहा है.

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