
खालिस्तानी संगठन 'वारिस पंजाब दे' का मुखिया अमृतपाल सिंह इन दिनों फरार चल रहा है और पुलिस को उसकी तलाश अब तक जारी है. लेकिन बीते दिन सोमवार को पंजाब पुलिस को एक बड़ी कामयाबी ये मिली कि उसके सबसे करीबी पप्पलप्रीत को अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया गया था. बताया जाता है कि पप्पलप्रीत ही अमृतपाल का मुख्य सलाहकार है और फरार होने के बाद से अमृतपाल के साथ साये की तरह रह रहा था. इसकी कई तस्वीरें भी सामने आईं थीं जिनमें कि दोनों एक साथ दिखाई दे रहे थे.
गिरफ्तारी के बाद आज यानी मंगलवार को पप्पलप्रीत को असम की डिब्रूगढ़ जेल शिफ्ट किया गया. पंजाब पुलिस जब उसे ले जा रही थी तब उसने बयान दिया कि उसे अमृतपाल के बारे में जानकारी नहीं है. उसने कहा, 'अमृतपाल आत्मसमर्पण करेगा या नहीं, ये मुझे नहीं पता है.' पप्पलप्रीत ने स्पष्ट किया कि हम 28 मार्च की रात को ही अलग हो गए थे.
पंजाब पुलिस ने बताई बड़ी कामयाबी
बता दें कि पप्पलप्रीत की गिरफ्तारी को पंजाब पुलिस बड़ी कामयाबी के तौर पर देख रही है. पंजाब पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, 'आप भाग सकते हैं, लेकिन आप कानून के लंबे हाथों से छिप नहीं सकते.' साथ ही पुलिस ने कहा, हम नागरिकों से क्षेत्र में शांति और सद्भाव बनाए रखने का आग्रह करते हैं.
परिवार ने दिया ये बयान
हालांकि पप्पलप्रीत के गिरफ्तार होने पर उसके परिवार ने बयान दिया कि बीते एक महीने से परिवार का पप्पलप्रीत से कोई संपर्क नहीं था. परिवार ने कहा था कि उन्हें खुद खबरों से पता चला कि उसे अरेस्ट कर लिया गया है. परिजनों ने कहा कि पप्पलप्रीत जब अमृतपाल के साथ होता था तो मीडिया को वही संभालता था. वो संगीत अकेडमी चलाता था.
परिवार का दावा है कि अमृतपाल और पप्पलप्रीत ने कुछ भी गलत नहीं किया है. दोनों को किसी भी तरह की कोई फंडिंग नहीं हुई है. परिवार दोनों के साथ खड़ा है. उधर, पप्पलप्रीत की पत्नी ने कहा कि वो एक अच्छे इंसान हैं और अमृतपाल के साथ एक पत्रकार की तरह रहते थे.
अमृतसर रूरल से गिरफ्तार किया गया पप्पलप्रीत
बता दें कि पुलिस ने सोमवार को अमृतपाल के करीबी पप्पलप्रीत को अमृतसर रूरल से गिरफ्तार किया था. पुलिस उस पर NSA की कार्रवाई कर सकती है. अभी के लिए उसे असम के डिब्रूगढ़ भेज दिया गया है. पंजाब पुलिस ने 'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह और उसके साथियों पर 18 मार्च को कार्रवाई की थी. इस दौरान पुलिस ने उसके सैकड़ों साथियों और समर्थकों को गिरफ्तार किया था. हालांकि, अमृतपाल अपने कुछ करीबियों के साथ भागने में सफल हो गया था.
(इनपुट- पूर्णा)