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8 साल पहले हमला, BSF के 2 जवानों की मौत और अब NIA का एक्शन... LeT के दो गुर्गों की संपत्ति कुर्क

एनआईए के अनुसार, दोनों आरोपियों की पहचान फैयाज अहमद इटू उर्फ फैयाज खार और खुर्शीद अहमद भट उर्फ खुर्शीद आलम भट्ट उर्फ सूर्या के रूप में की गई है, जो प्रतिबंधित पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य हैं.

NIA ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी है NIA ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी है
राजेश साहा
  • नई दिल्ली,
  • 07 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 6:56 PM IST

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में साल 2015 में बीएसएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले में शामिल लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के दो प्रमुख कार्यकर्ताओं की संपत्तियों को जब्त कर लिया है. जिन दो आरोपियों की संपत्ति कुर्क की गई है, उन्हें भी बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था और अब उनके खिलाफ जम्मू में एनआईए की विशेष अदालत में मुकदमा चल रहा है.

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एनआईए के अनुसार, दोनों आरोपियों की पहचान फैयाज अहमद इटू उर्फ फैयाज खार और खुर्शीद अहमद भट उर्फ खुर्शीद आलम भट्ट उर्फ सूर्या के रूप में की गई है, जो प्रतिबंधित पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य हैं.
 
इस मामले के सभी प्रमुख आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है और उन पर रणबीर दंड संहिता, शस्त्र अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1946, पासपोर्ट (भारत में प्रवेश अधिनियम 1920) और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम 1967 यानी UAPA के के तहत मुकदमा चल रहा है.
 
मौजूदा मामले में, चार अचल संपत्तियों में कुलगाम जिले की तहसील कैमोह के गांव खुडवानी में फैयाज अहमद इटू का एक मंजिला आवासीय घर और एक दो मंजिला आवासीय घर शामिल है. इसी तरह खुर्शीद अहमद भट उर्फ सूर्या के गांव चुरसू और सेल, अवंतीपोरा, जिला पुलवामा में जमीन के दो भूखंड भी शामिल है. जम्मू में एनआईए की विशेष अदालत के हालिया आदेशों के अनुसरण में यूएपीए (UAPA) 1967 की धारा 33 (1) के तहत संलग्न किया गया है.

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आपको याद दिला दें कि 5 अगस्त 2015 को सुबह लगभग 7 बजे उधमपुर जिले के नरसू गांव में नरसू नाले के पास श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीएसएफ के काफिले पर हमला हुआ था. जिसमें दो जवान मारे गए थे और 13 अन्य घायल हो गए थे. सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में एक आतंकवादी भी मारा गया था और दूसरे को गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसकी पहचान नावेद के रूप में हुई थी.

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