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रेबिका हत्याकांड: 64 दिन बाद हुई 19 टुकड़े करने वाले की गिरफ्तारी, बहू की हत्या में सास की भी साजिश

दिल्ली में हुए श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड की तरह झारखंड में रेबिका हत्याकांड की घटना सामने आई थी. इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी मैनुल अंसारी को आज 64 दिन बाद दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है. हत्या के बाद रेबिका के शव के 19 टुकड़े किए गए थे और टुकड़ों को बोरी में भरकर फेंक दिया गया था.

रेबिका हत्याकांड. रेबिका हत्याकांड.
प्रवीण कुमार
  • साहिबगंज,
  • 18 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 9:34 PM IST

झारखंड के साहिबगंज में बोरियों थाना क्षेत्र में 16 दिसंबर की रात रेबिका पहाड़िया नाम की महिला की हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी मैनुल अंसारी को पुलिस ने 64 दिन बाद दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उसे दिल्ली के कोटला मुबारकपुर थाना क्षेत्र से पकड़ा है. पुलिस मैनुल को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे लेकर शनिवार को साहिबगंज पहुंची है. 

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साहिबगंज पुलिस अधीक्षक अनुरंजन किस्पोट्टा ने बताया कि बोरियो थाना क्षेत्र के गोडा पहाड़ की रहने वाली रेबिका पहाड़िया की हत्या 16 दिसंबर की रात कर दी गई थी.

पुलिस ने पूर्व में 10 आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार किया था, जबकि मुख्य आरोपी मैनुल अंसारी फरार हो गया था. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए वारंट लिया था. इसके बाद एक टीम कई दिनों से दिल्ली में थी.

रेबिका, जिसकी कर दी गई थी हत्या. (File Photo)

पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी मैनुल अंसारी को दिल्ली के कोटला मुबारकपुर थाना क्षेत्र से धर दबोचा. पुलिस का कहना है कि आरोपी मैनुल दिल्ली में मजदूरी कर रहा था. वह किसी मामले में तिहाड़ जेल भी जा चुका है.

दरअसल, 16 दिसंबर की रात मैनुल अंसारी ने अपने दोस्त मैनुल हक के साथ मिलकर रेबिका की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के लिए शव के 19 टुकड़े किए गए थे. इसके बाद 17 दिसंबर को शव बोरी में भरकर आंगनबाड़ी के पास फेंक दिया था. जब आंगनबाड़ी के पास मानव अंग लोगों को दिखे, तब इस मामले का खुलासा हुआ था.

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इस मामले में पुलिस रेबिका के पति दिलदार अंसारी समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. बताया जा रहा है कि रेबिका की सास मरियम निशा अपने बेटे दिलदार अंसारी से रेबिका का पीछा छुड़ाना चाहती थी. इसके लिए उसने पहले अपने भाई मैनुल हक को हत्या के लिए तैयार किया, बाद में 20 हजार रुपए देकर मैनुल अंसारी को भी शव ठिकाने लगाने के लिए तैयार कर लिया था.

मैनुल अंसारी ने पूछताछ में उगले कई राज

पुलिस के अनुसार, रेबिका की हत्या के बाद 64 दिन से फरार चल रहे मैनुल अंसारी को पुलिस ने दिल्ली से अरेस्ट कर लिया. पुलिस ने उससे पूछताछ को तो उसने कई राज उगले हैं. उसने रेबिका की हत्या अपने दोस्त मैनुल हक के साथ मिलकर की थी.

शव को ठिकाने लगाने के लिए उसने अपने दोस्त मैनुल हक की बहन मरियम निशा से 20 हजार रुपए लिए थे. रेबिका की हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसके सिर समेत कुल 19 टुकड़े किए.

पुलिस ने 18 टुकड़ों को पहले बरामद कर लिया था. इसके कुछ दिनों बाद सिर बरामद किया था. पूछताछ में मैनुल अंसारी ने पुलिस को बताया है कि उसे दिल्ली में रहते हुए श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड की तरह शव को ठिकाने लगाने का आइडिया आया था. इसके बाद उसने अपने दोस्त मैनुल हक के साथ मिलकर शव के 19 टुकड़े किए थे. इसके बाद शव को दो-तीन जगहों पर फेंक दिया था, ताकि इसका खुलासा नहीं हो सके.

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रेबिका हत्याकांड में हो चुकी हैं 11 गिरफ्तारियां

बोरियो थाना क्षेत्र के गोंडा पहाड़ निवासी रेबिका पहाड़िया हत्याकांड में रेबिका के पति दिलदार अंसारी सहित कुल 11 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. इनमें मुस्तकीम अंसारी, रेबिका का पति दिलदार अंसारी, सास मरियम निशा, ननद सरेजा खातून, गुलेरा खातून, महताब अंसारी, आमिर अंसारी, दिलदार का मामा मैनुल हक, शहर बानो व दिल्ली से गिरफ्तार मैनुल अंसारी शामिल है.

यह है पूरा मामला

बोरियो थाना क्षेत्र के गोंडा पहाड़ की रहने वाली आदिवासी युवती रेबिका पहाड़िया की हत्या उसके पति दिलदार अंसारी ने अपने परिजनों के साथ मिलकर की थी. इसके बाद शव के 19 टुकड़े कर विभिन्न जगहों पर फेंक दिया था.

दिलदार अंसारी पहले से शादीशुदा था. इसके कारण रेबिका से शादी करने के बाद उसके घर में अक्सर झगड़ा होता था. उसकी मां नहीं चाहती थी कि रेबिका उसके साथ रहे. इसके बाद 16 दिसंबर को रेबिका की हत्या कर दी गई. 

17 दिसंबर की शाम बोरियो थाना क्षेत्र में एक निर्माणाधीन आंगनबाड़ी के पास कुत्ते मानव अंगों को खा रहे थे. लोगों की नजर पड़ी तो सूचना पुलिस को दी गई. पुलिस ने मामले की जांच की तो रेबिका हत्याकांड का खुलासा हो गया.

पुलिस ने उसका सिर भी बरामद कर लिया. सभी अंगों का पोस्टमार्टम कराया गया, इसी के साथ डीएनए टेस्ट भी कराया गया. इस मामले का मुख्य आरोपी मैनुल अंसारी पूर्व में दिल्ली में रहता था. वह हत्या के इरादे से ही साहिबगंज के बोरियो पहुंचा था.

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