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बंगाल: जानिए क्या है कल्याणी एम्स भर्ती घोटाला मामला, जिसमें बीजेपी के 8 नेताओं पर दर्ज है केस?

पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग भर्ती घोटाले में पार्थ चटर्जी का नाम सामने आने के बाद ममता सरकार बीजेपी के निशाने पर है. वहीं कल्याणी एम्स भर्ती घोटाले में बीजेपी विधायकों-सांसदों के खिलाफ शिकायत दर्ज होने के बाद बीजेपी अब टीएमसी के निशाने पर आ गई है.

एम्स भर्ती घोटाले में बीजेपी के 8 सांसदों-विधायकों पर लगे हैं गंभीर आरोप (फाइल फोटो) एम्स भर्ती घोटाले में बीजेपी के 8 सांसदों-विधायकों पर लगे हैं गंभीर आरोप (फाइल फोटो)
अनुपम मिश्रा
  • कोलकाता,
  • 01 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 7:56 PM IST
  • बीजेपी MLA बंकिम घोष की बहू से हो चुकी है पूछताछ
  • एक महीने पहले भर्ती घोटाले को लेकर हुई थी शिकायत

पश्चिम बंगाल में शिक्षा भर्ती घोटाला अभी चर्चा में बना हुआ है. इस बीच कल्याणी एम्स में भर्ती को लेकर शुरू सीआईडी की जांच तेज हो गई है. सीआईडी ने सोमवार को इस मामले में बीजेपी विधायक नीलाद्री शेखर दाना की बेटी से उनके ही घर पर घंटों पूछताछ की. बांकुरा से भाजपा विधायक नीलाद्री शेखर पर आरोप है कि उन्होंने अपने प्रभाव से बेटी मैत्री दाना को कल्याणी एम्स में नौकरी दिलवाई है. 

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भर्ती में घोटाले को लेकर करीब एक महीने पहले कल्याणी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी. इसे बाद सीआईडी ने मामले की जांच अपने हाथ में लेते हुए पिछले हफ्ते नदिया के चाकदा से बीजेपी विधायक बंकिम घोष की बहू अनसूया घोष धर से पूछताछ की थी.
इस मामले में बीजेपी के कई नेताओं पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रिश्तेदारों को कल्याणी एम्स में नौकरी दिलवाई है.

केंद्रीय मंत्री समेत BJP के 8 नेताओं पर FIR

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सरीफुल इस्लाम नाम के शख्स ने एक महीने पहले एम्स में कथित घोटाले की FIR दर्ज कराई थी. इसमें केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार और सांसद जगन्नाथ सरकार सहित आठ भाजपा नेताओं के नाम शामिल हैं. भाजपा विधायक नीलाद्रि शेखर दाना और बंकिम चंद्र घोष का नाम भी FIR में लिखा गया है.

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आरोप लगाया गया कि इन नेताओं ने नादिया जिले के कल्याणी में केंद्र सरकार द्वारा संचालित मल्टीस्पेशलिटी एम्स अस्पताल में अपने परिचित लोगों को नियुक्त करने के लिए अपने पदों का दुरुपयोग किया.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विधायक नीलाद्रि शेखर दाना की बेटी को भर्ती परीक्षा में शामिल हुए बिना ही स्वास्थ्य संस्थान में 30,000 रुपये महीने की सैलरी पर डाटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी दी गई.

इन धाराओं में पुलिस ने दर्ज किया केस

लिखित शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात), 120 बी (आपराधिक साजिश) और 34 (एक समान इरादे से कई लोगों द्वारा किए गए काम) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. मामले में कई अन्य FIR भी दर्ज की गई हैं.

नए भर्ती घोटाले में राजनीति शुरू

बंगाल सरकार के मंत्री शशि पांजा ने पिछले दिनों ट्वीट करते हुए कहा था, पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति उनकी जीरो टॉलरेंस है और फिर भी भाजपा नेता भ्रष्टाचार की बात करते हैं. कोई आश्चर्य नहीं कि बंगाल के लोगों ने उन्हें और उनके एजेंडे को सिरे से खारिज कर दिया.''

वहीं बीजेपी सांसद जगन्नाथ ने आरोपों निराधार बताया था. उन्होंने कहा था कि यह लोगों का ध्यान भटकाने की टीएमसी की कोशिश है. भाजपा को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है.

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24 जून को जारी हुआ था भर्ती का विज्ञापन

24 जून 2022 को भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था. कल्याणी एम्स में प्रोफेसर के 25, एडिशनल प्रोफेसर के 19, एसोसिएट प्रोफेसर  के 19 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 26 पदों के लिए भर्ती की गई थी.

शिक्षा भर्ती घोटाले में पार्थ हो चुके हैं अरेस्ट

शिक्षा भर्ती घोटाले में पार्थ चटर्जी को ईडी ने पिछले महीने गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी को भी हिरासत में ले लिया है. फिलहाल ईडी कार्रवाई करते हुए दोनों के पास से अब तक करीब 50 करोड़ रुपये बरामद कर चुके हैं.

पर्थी चटर्जी पर आरोप है कि उन्होंने अपने बॉडीगार्ड के 10 रिश्तेदारों को सरकारी नौकरी दी थी. इसके बाद यह मामला कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गया था. कोर्ट के निर्देश पर पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग भर्ती घोटाले के आरोपी पार्थ चटर्जी के घर टीम पहुंची थी.

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