
केरल ट्रेन अग्निकांड के आरोपी शाहरुख सैफी को महाराष्ट्र के रत्नागिरी के रेलवे स्टेशन से मंगलवार देर रात अरेस्ट किया गया है. गिरफ्तारी को महाराष्ट्र ATS और सेंट्रल इंटेलिजेंस की जॉइंट टीम ने अंजाम दिया है. दिल्ली के शाहीन बाग इलाके का रहने वाला शाहरुख वारदात के बाद से ही फरार था.
पुलिस के मुताबिक शाहरुख के पिता ने 31 मार्च को दिल्ली के शाहीन बाग पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. केरल पुलिस ने दिल्ली पुलिस से संपर्क कर शाहीन बांग पहुंचकर जांच-पड़ताल की है.
एक दिन पहले शाहरुख की लोकेशन रत्नागिरी में ट्रेस हुई थी. वह सिर पर लगी की चोटों का इलाज कराने के लिए रत्नागिरी सिविल अस्पताल आया था. केरल में ट्रेन की बोगी को आग लगाने के बाद नीचे उतरते वक्त गिरने के कारण वह घायल हो गया था. हालांकि, शाहरुख इलाज कराए बिना ही अस्पताल से भाग गया.
शाहरुख का एक भाई और दो बहनें हैं. शाहरुख सैफी ने 12वीं तक की पढ़ाई शाहीन बाग के सरकारी स्कूल की है. उसके पिता फकरुद्दीन लकड़ी का काम करते हैं. नोएडा के निठारी ने उनकी दुकान है. पिछले कुछ सालों से शाहरुख पिता के साथ लकड़ी के काम में हाथ बंटा रहा था.
शाहरुख 31 मार्च की सुबह 9 बजे अपने घर से निकला था. शाम तक घर नहीं पहुंचने पर जब उसके परिजनों ने उसे फोन किया तो उसका नंबर बंद आया. शाहरुख के पिता ने शाहीन बाग पुलिस स्टेशन में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दी थी.
केरला पुलिस की जांच रिपोर्ट के मुताबिक ट्रेन में हुई वारदात के बाद कुछ मोबाइल नंबर सामने आए थे. इनमें से एक नम्बर संदिग्ध का था. जांच करने पर यह नंबर दिल्ली के शाहीन बाग का निकला था. मोबाइल नंबर के आधार पर ही केरल पुलिस शाहरुख के शाहीन बाग वाले घर तक पहुंची थी.
अरोपी को जल्द ही केरल लाया जाएगा. केरल पुलिस महाराष्ट्र के डीजीपी के संपर्क में है. आतंकी एंगल या दूसरी बातों के बारे में पूछताछ के बाद ही खुलासा होगा. इससे पहले उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में यूपी ATS ने एक दूसरे शाहरुख सैफी नाम के शख्स को हिरासत में ले लिया था. हालांकि, बाद में पूछताछ के बाद उसे रिहा कर दिया गया था.
दरअसल, केरल के कोझिकोड में चलती ट्रेन के अंदर यात्रियों पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगाने का मामला 2 अप्रैल की रात सामने आया था. आरोपी का सह यात्रियों से सीट पर बैठने को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उसने केमिकल से भरी बोतल फेंककर आग लगा दी थी.
बोगी में अचानक भड़की आग देखकर एक साल के बच्चे को लेकर सफर कर रही महिला ने चलती ट्रेन से ही छलांग लगा दी थी. पुलिस को बाद में पटरियों से उन दोनों के अलावा एक और शख्स की लाश मिली थी. आगजनी के दौरान ट्रेन में सवार 9 लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
पुलिस ने बताया था कि घटना अलप्पुझा-कन्नूर एग्जीक्यूटिव एक्सप्रेस में रविवार रात 9.45 बजे हुई थी. कोझिकोड शहर को क्रॉस करने के बाद ट्रेन जैसे ही कोरापुझा रेलवे पुल पर पहुंची थी. एक व्यक्ति ने दूसरे यात्रियों पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी थी. इस आगजनी में 9 लोग बुरी तरह से झुलस गए थे. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया था.
ट्रेन में मिला था महिला का मोबाइल
ट्रेन की बोगी में धधकती आग को देखकर दूसरे यात्रियों ने चेन पुलिंग कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया था. यहां से आगे चलने के बाद जब ट्रेन कन्नूर पहुंची थी, तो कुछ यात्रियों ने घटना के बाद से एक महिला और एक बच्चे के लापता होने की शिकायत की थी.
बच्चे समेत ट्रेन से कूद गई थी महिला!
आगजनी में घायल एक शख्स दोनों की तलाश कर रहा था. काफी तलाश करने के बाद ट्रेन से महिला का मोबाइल फोन और बच्चे का एक जूता मिला था. पुलिस ने महिला और बच्चे की खोजबीन शुरू की तो इलाथुर रेलवे स्टेशन के पास पटरियों पर महिला और बच्चे के अलावा एक और शख्स की लाश पड़ी मिली थी. पुलिस को अंदेशा है कि आग देखने के बाद उन्होंने चलती ट्रेन से छलांग लगा दी.