
झारखंड के रांची में कर्ज के बोझ तले दबे एक शख्स ने उस घर के मालिक के बच्चे का ही अपहरण कर लिया, जिस मकान में वह रहता था. फिरौती के लिए अपहरण किया और फिर जब पुलिस सक्रिय हुई, दबाव बढ़ने लगा, तब बच्चे की हत्या भी कर दी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपी की पहचान कोडरमा के रहने वाले संजीव पांडा उर्फ संजू के रूप में हुई है.
बताया जाता है कि कोडरमा का रहने वाले संजू ने सिम्बॉयोसिस से एमबीए किया था और वह बेंगलुरु की एक कंपनी में नौकरी करता था. संजू ने अपनी शादी, हनीमून और गाड़ी खरीदने के लिए बैंक के साथ ही दोस्तों से भी कर्ज ले रखा था. कोरोना महामारी के समय संजू की नौकरी छूट गई और इसके बाद वह रांची आ गया था.
घटना का पर्दाफाश करते हुए रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) किशोर कौशल ने दावा किया कि बरियातू थाना क्षेत्र के एदलहातू निवासी आठ साल के मासूम शौर्य का अपहरण करने के बाद हत्या की वारदात को उसके करीबी ने ही अंजाम दिया था. उन्होंने बताया कि संजीव पांडा उर्फ संजू नामक शख्स ने फिरौती के लिए शौर्य का अपहरण किया और फिर हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
कर्ज चुकाने के लिए दोस्त बना रहे थे दबाव
एसएसपी के मुताबिक आरोपी शौर्य के पिता राजू गोप के एदालहातू स्थित घर में अपनी बहन और बहनोई के साथ किराये पर रहता था. उन्होंने इसे लेकर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि 3 मार्च को शौर्य के अपहरण की घटना हुई थी. इसके बाद सदर डीएसपी प्रभात रंजन बरवार के नेतृत्व में टीम बनाई गई. एसएसपी ने कहा कि इसके कुछ ही दिन बाद नगड़ी के लालगुटवा से बच्चे का शव मिला था.
उन्होंने बताया कि कॉल डंप और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संजू को दबोचा गया. उसके पास से अपहरण में इस्तेमाल की गई कार और फर्जी नंबर प्लेट भी जब्त की गई है. एसएसपी ने कहा कि पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार किया है. उन्होंने बताया कि आरोपी संजू पर बैंक और दोस्तों का भारी कर्ज था जिसे चुकाने को लेकर उसके दोस्त भी दबाव बना रहे थे.
20 लाख फिरौती वसूलने की थी साजिश
एसएसपी ने कहा कि कर्ज चुकाने के लिए उसने शौर्य के अपहरण और करीब 15 से 20 लाख रुपये फिरौती वसूलने की साजिश रची. उन्होंने बताया कि 3 मार्च की देर शाम शौर्य चिप्स लेने दुकान पर गया था. लौटते समय संजू ने शौर्य को बुलाया. एसएसपी के मुताबिक संजू ने शौर्य से लेकर चिप्स भी खाई और इसके बाद वह उसे कार में बैठाकर ले जाने लगा.
उन्होंने दावा किया कि शौर्य ने कार से ले जाए जाते समय शोर मचाया तो संजू ने उस पर वार कर दिया जिससे वह अचेत हो गया. संजू लालटुवा पहुंचा और वहां भी शौर्य की पिटाई की. एसएसपी ने कहा कि संजू ने इसके बाद शौर्य को बोरी में बंद कर दिया और उसमें ईंट भरकर उसे पानी में डाल दिया. उन्होंने बताया कि संजू इसके बाद कोडरमा भाग गया.
गुमराह करने के लिए बदल दिया था नंबर प्लेट
एसएसपी के मुताबिक संजू ने अपहरण की वारदात को अंजाम देने के लिए अपनी बाइक गिरवी रखकर 1700 रुपये प्रतिदिन की दर से एक कार किराये पर ली थी. संजू ने ओएलएक्स पर एक पुरानी कार का नंबर प्लेट देखकर वैसी ही नंबरप्लेट बनवाकर उस कार में लगवा दी थी. उन्होंने बताया कि वह नंबर पटना की एक कार का था. एसएसपी ने बताया कि कार का नंबर पता चलने पर पुलिस की दो टीमें पटना भेजी गई थी.
उन्होंने बताया कि पुलिस टीम के पटना पहुंचने के बाद संजू की इस चालाकी की जानकारी पुलिस को मिली. इसके बाद पुलिस टीम ने संजू को दबोच लिया. एसएसपी ने कहा है कि शौर्य हत्याकांड को स्पीडी ट्रायल में ले जाया जाएगा जिससे आरोपी को जल्द और कड़ी सजा मिल सके. उन्होंने ये भी दावा किया कि पुलिस के पास संजू को सजा दिलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं.