Advertisement

लखीमपुर हिंसाः गोली चलाई थी या नहीं? जांच के लिए भेजे गए आशीष मिश्रा के असलहे

लखीमपुर पुलिस ने आशीष मिश्रा मोनू और पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास के बेटे अंकित के हथियार जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिए हैं.

लगा है गोली चलाने का आरोप (फाइल फोटो) लगा है गोली चलाने का आरोप (फाइल फोटो)
संतोष शर्मा
  • लखनऊ,
  • 16 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 2:22 PM IST
  • अंकित दास के भी दो असलहे जांच के लिए भेजे गए
  • प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के लगे हैं आरोप

लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया में 3 अक्टूबर को हुई हिंसा की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) कर रही है. एसआईटी ने इस मामले में मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा मोनू और अंकित दास को रिमांड पर लेकर पूछताछ की. एसआईटी की एक टीम 15 अक्टूबर को भी अंकित दास और लतीफ उर्फ काले को लेकर लखनऊ गई थी.

Advertisement

एसआईटी की टीम अंकित दास और लतीफ को लेकर लखनऊ के हुसैनगंज स्थित एक अपार्टमेंट के फ्लैट पर पहुंची. अंकित दास के इस फ्लैट से एसआईटी ने दो हथियार बरामद किए थे. अब लखीमपुर पुलिस ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा मोनू और पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास के बेटे अंकित के हथियार जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिए हैं.

जानकारी के मुताबिक पुलिस ने आशीष मिश्रा के दो और अंकित दास के दो हथियार जांच के लिए भेज दिए हैं. ये हथियार बैलिस्टिक रिपोर्ट (ballistic report) के लिए भेजे गए हैं जो फायरिंग से संबंधित है. अब सबकी नजर इस रिपोर्ट पर टिकी है. क्या 3 अक्टूबर की हिंसा की घटना में फायरिंग भी हुई थी या नहीं? ये रिपोर्ट आने पर ही साफ हो सकेगा.

Advertisement

बता दें कि 3 अक्टूबर को हिंसा की घटना के दौरान आशीष मिश्रा और अंकित दास पर फायरिंग करने के आरोप लगे हैं. आरोप है कि हिंसा भड़की तो आशीष और अंकित ने प्रदर्शनकारियों पर गोली भी चलाई. हिंसा की इस वारदात में चार किसानों और एक पत्रकार समेत कुल आठ लोगों की जान गई थी जिसके बाद सियासत भी सरगर्म हो गई.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement