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Law and Order: थानों में कौन होता है एसएसआई (SSI), क्या होता है उनका काम?

थाने का इंचार्ज या यूं कहें कि सबसे बड़ा अफसर थाना प्रभारी होता है. जिसे एसओ (SO) और एसएचओ (SHO) कहते हैं. लेकिन यूपी के थानों में एक पद होता है एसएसआई (SSI). आइए जानते हैं कि आखिर ये एसएसआई होता क्या है?

SSI के पद पर सीनियर स्तर के सब इंस्पेक्टर की नियुक्ति की जाती है (फोटो साभार- बस्ती पुलिस) SSI के पद पर सीनियर स्तर के सब इंस्पेक्टर की नियुक्ति की जाती है (फोटो साभार- बस्ती पुलिस)
परवेज़ सागर
  • नई दिल्ली,
  • 16 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 7:37 AM IST
  • थानों में अहम पद होता है एसएसआई (SSI)
  • थाने का प्रबंधन भी होती है SSI की जिम्मेदारी
  • गंभीर मामलों की जांच भी करते हैं एसएसआई

किसी भी राज्य में कानून व्यवस्था (Law and Order) की सबसे बड़ी कुंजी पुलिस होती है. जिलों में पुलिस की सबसे अहम इकाई होती है पुलिस थाने (Police Station). जहां कई अधिकारी और कर्मचारी तैनात होते हैं. थाने का इंचार्ज या यूं कहें कि सबसे बड़ा अफसर थाना प्रभारी होता है. जिसे एसओ (SO) और एसएचओ (SHO) कहते हैं. लेकिन यूपी के थानों में एक पद होता है एसएसआई (SSI). आइए जानते हैं कि आखिर ये एसएसआई होता क्या है?   

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क्या होता है एसएसआई (SSI)
सबसे पहले हम आपको ये बता दें कि उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के थानों में एसएसआई (SSI) का पद होता है. कुछ राज्यों में इस पद को अलग-अलग नाम दिए गए हैं. एसएसआई की फुल फॉर्म Senior Sub Inspector होती है. हिंदी में जिसे वरिष्ठ उप निरीक्षक कहा जाता है. यह पद एक सब इंस्पेक्टर स्तर के अफसर का है. जिसकी सीनियर होना ज़रुरी है.

अगर हम यूपी की बात करें तो इस राज्य के थानों में वरिष्ठ उप निरीक्षक (SSI) का पद एसओ, एसएचओ के बाद दूसरा अहम पद होता है. यूपी के कई बड़े शहरों में एसओ (SO), एसएचओ (SHO) और एसएसपी के पीआरओ (PRO) रह चुके इंस्पेक्टर बी.आर. जैदी थानों में तैनात SSI के बारे में बताते हैं कि एसएचओ के सिर पर काफी जिम्मेदारी होती हैं. ऐसे में थाने के आंतरिक कार्य, स्टाफ से जुड़े मामले और ब्रिफिंग आदि का कार्यभार एसएसआई के कंधों पर होता है.

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यूपी के थानों में #SSI का पद और काम क्या होता है? इस बारे में @itsparvezsagar ने बात की यूपी पुलिस के विख्यात इंस्पेक्टर बी.आर. जैदी से. देखिए उन्होंने इस बारे में क्या जानकारी दी.#LawandOrder #PoliceStation #SSI #Post #parvezsagar #aajtak pic.twitter.com/IAyHPeI1jq

— Parvez Sagar (@itsparvezsagar) February 15, 2022

 

इंस्पेक्टर बी.आर. जैदी जानकारी देते हुए बताते हैं कि थाने का प्रबंधन और ड्यूटी, ब्रिफिंग के साथ-साथ थाना क्षेत्र में होने वाली गंभीर वारदातों और एस.आर. श्रेणी के मामलों की विवेचना का जिम्मा भी वरिष्ठ उप निरीक्षक यानी SSI का होता है. 

दिल्ली समेत पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था वाले महानगरों के थानों में जो काम सेकेंड अफसर या एडिशनल एसएचओ करते हैं, वही काम यूपी में वरिष्ठ उप निरीक्षक यानी एसएसआई करते हैं. यहां गौर करने वाली बात ये है कि दिल्ली के थानों में सेकेंड अफसर का कार्यभार 
इंस्पेक्टर रैंक के अफसर संभालते हैं. जबकि यूपी के थानों में एसएसआई का पद सीनियर सब इंस्पेक्टर को मिलता है.

इसे भी पढ़ें--- Law and Order: जानें SSP, SP और DCP में क्या है फर्क, कौन होता है बड़ा पुलिस अधिकारी?

अगर यूपी के थाने में तैनात एसएचओ का तबादला हो जाए, या वह छुट्टी पर हो या वह बीमार हो जाए या फिर किसी भी हालात में उस पद पर तैनात इंस्पेक्टर अधिकारिक यात्रा या किसी अन्य कारण से थाने में मौजूद ना हो तो ऐसी स्थिति में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक यानी SSI के पास थाने का चार्ज रहता है.

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