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Law and Order: जानें, क्या है 1090 सेवा, कौन कर सकता है इस्तेमाल?

कुछ महिलाएं बाहर ही नहीं बल्कि घरों में भी यौन शोषण और हिंसा का शिकार बनती हैं, मगर खामोश रहती हैं. इसी परेशानी के मद्देनजर 10 साल पहले यूपी में वूमेन पॉवर हेल्पलाइन (Women Power Line) की शुरुआत हुई थी.

वूमेन पॉवर लाइन 1090 की शुरुआत साल नवंबर 2012 में हुई थी वूमेन पॉवर लाइन 1090 की शुरुआत साल नवंबर 2012 में हुई थी
परवेज़ सागर
  • नई दिल्ली,
  • 17 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 1:03 AM IST
  • 10 साल पहले स्थापित की गई थी 1090 सेवा
  • यूपी की राजधानी लखनऊ में है 1090 का मुख्यालय
  • गोपनीय रखी जाती है शिकायतकर्ता की पहचान

शहर हो या गांव अक्सर कुछ महिलाएं ऐसी होती हैं, जो हिंसा और उत्पीड़न का शिकार होती हैं. लेकिन लोक लाज के चक्कर में शिकायत नहीं करती हैं. ऐसे ही कुछ महिलाएं बाहर ही नहीं बल्कि घरों में भी यौन शोषण और हिंसा का शिकार बनती हैं, मगर खामोश रहती हैं. इसी परेशानी के मद्देनजर 10 साल पहले यूपी में वूमेन पॉवर हेल्पलाइन (Women Power Line) की शुरुआत हुई थी. आइए आपको बताते हैं कि क्या है 1090 सेवा और ये काम कैसे करती है?

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वूमेन पॉवर लाइन 1090
महिला उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के मकसद से साल 2012 में उत्तर प्रदेश सरकार ने वूमेन पॉवर लाइन 1090 (Women Power Line) की स्थापना की थी. 15 नवंबर 2012 से 1090 सेवा प्रदेश में सक्रिय है. महिला सशक्तीकरण की दिशा में वूमेन पॉवर लाइन को एक सार्थक पहल माना गया. बाद में 1090 को और ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए साल 2014 में Women Security App 1090 भी शुरू किया गया. जिसके खासे नतीजे सामने आए. 

1090 कैसे करती है काम?
तत्कालीन सरकार का मंशा महिलाओं की मदद के लिए एक राज्य, एक नंबर की थी. इसी वजह से 1090 सेवा को ऐसा बनाया गया कि प्रदेश के किसी भी कोने से कोई भी पीड़ित महिला, उसकी महिला की रिश्तेदार या दोस्त अपनी शिकायत 1090 नंबर पर नि:शुल्क दर्ज करवा सकते हैं. सबसे अहम बात ये है कि वूमेन पॉवर लाइन 1090 पर शिकायत करने वाली महिलाओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाने का प्रावधान है. इस पर शिकायत करने वाली पीड़िता को किसी भी हालत में पुलिस थाने या किसी ऑफिस में नहीं बुलाया जाता. 

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महिला पुलिसकर्मी करती हैं सुनवाई
वूमेन पॉवर लाइन 1090 पर जब कोई पीड़िता कॉल करती है, तो उसकी सुनवाई महिला पुलिस अधिकारी या कर्मचारी ही दर्ज करती हैं. इसके बाद महिला पुलिसकर्मी अपने वरिष्ठ पुरूष पुलिस कर्मियों को पीड़िता की केवल उतनी ही जानकारी या सूचना उपलब्ध करवाती हैं, जो विवेचना में मददगार हो सके. लखनऊ में मौजूद 1090 का कॉल सेंटर दर्ज की गई शिकायत पर तब तक काम करता है, जब तक उससे संबंधित कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती.

 

 

कौन कर सकता है शिकायत
कोई भी पीड़ित महिला, उसकी महिला रिश्तेदार या सहेली सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेश मिलने, साइबर स्टॉकिंग, साइबर बुलिंग, मोबाइल पर अश्लील कॉल या मैसेज आने या फिर घर और बाहर कहीं भी छेड़खानी, हिंसा एवं यौन उत्पीड़न होने पर 1090 पर निशुल्क शिकायत दर्ज करवा सकती है. वूमेन पॉवर लाइन कॉल सेंटर में शिकायत करने वाली पीड़िता या महिला की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है. 

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