
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में लेह और कारगिल जिलों को जोड़ने वाले एक सुदूर इलाके में गोली लगने से घायल एक हिमालयन आइबेक्स यानी जंगली बकरी को बचा लिया गया. पुलिस ने बुधवार को बताया कि इस मामले में चार शिकारियों को गिरफ्तार किया गया है.
लेह के एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान वन्यजीव विभाग और पुलिस ने 28 मार्च को संयुक्त रूप से चलाया था. हिमालयन आइबेक्स भारत की सबसे बड़ी जंगली बकरी होती है.
खालत्से स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) जामयांग नामगियाल ने पीटीआई को बताया कि 28 मार्च को लेह शहर से करीब 140 किलोमीटर दूर कांजी गांव में त्सिबस्कयांगचन के पास शिकारियों ने हिमालयन आइबेक्स को गोली मार दी थी.
SHO के मुताबिक, जंगली बकरी के दोनों अगले अंग टूटे हुए पाए गए. लेकिन उसे सफलतापूर्वक बचा लिया गया. उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान चार शिकारियों को भी गिरफ्तार किया गया है और अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया गया है.
इंस्पेक्टर जामयांग नामगियाल ने बताया कि घायल पशु को लेह ले जाया गया है और वहां उसका इलाज चल रहा है. नामगियाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
एसएचओ जामयांग नामगियाल के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से .315 बोर की बंदूक के अलावा एक चॉपिंग बोर्ड, फर, कई चाकू और कुछ सूखा मांस जब्त किया गया है, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है.