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लूट के इरादे से किया था पड़ोसी परिवार का खात्मा, ट्रिपल मर्डर केस में मुख्य आरोपी की पत्नी भी गिरफ्तार

पालघर पुलिस के मुताबिक, एक बुजुर्ग दंपति और उनकी बेटी की हत्या के सिलसिले में पुलिस ने 31 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी मंगलवार को दी. वाडा पुलिस के इंस्पेक्टर दत्ताराय किंद्रे ने बताया कि पकड़ी गई महिला की पहचान सायबा बेगम अंसारी के तौर पर हुई है.

मुख्य आरोपी की पत्नी को यूपी से गिरफ्तार किया गया (फोटो- Meta AI) मुख्य आरोपी की पत्नी को यूपी से गिरफ्तार किया गया (फोटो- Meta AI)
aajtak.in
  • पालघर,
  • 17 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 6:07 PM IST

Palghar Triple Murder Case Disclosure: महाराष्ट्र के पालघर जिले के चर्चित ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने इस तिहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया है. जो मुख्य आरोपी की पत्नी है. उसकी गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश से की गई है.

पालघर पुलिस के मुताबिक, एक बुजुर्ग दंपति और उनकी बेटी की हत्या के सिलसिले में पुलिस ने 31 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी मंगलवार को दी. वाडा पुलिस के इंस्पेक्टर दत्ताराय किंद्रे ने बताया कि पकड़ी गई महिला की पहचान सायबा बेगम अंसारी के तौर पर हुई है. 

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इंस्पेक्टर किंद्रे ने बताया कि सायबा बेगम इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी आरिफ अंसारी की पत्नी है. असल में पिछले महीने वाडा तहसील के नेहरोली में हुए ट्रिपल मर्डर केस के लिए 15 सितंबर को उसे उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था.

आपको बता दें कि 30 अगस्त को वाडा तहसील के नेहरोली में मौजूद एक मकान में मुकुंद बेचरदास राठौड़ (75), उनकी पत्नी कंचन (72) और उनकी बेटी संगीता (52) की लाशें मिली थीं. इसके बाद पीड़ित परिवार का पूर्व पड़ोसी आरिफ उत्तर प्रदेश के मेजा गांव से पकड़ा गया था. उसी ने पीड़ित परिवार को लूटने के इरादे से 17 अगस्त को इस ट्रिपल मर्डर की वारदात को अंजाम दिया था.

पुलिस अधिकारी ने आगे बताया कि पूछताछ के दौरान आरिफ अंसारी ने खुलासा किया कि उसे हत्याओं में उसके शामिल होने के बारे में पता था, जिसके बाद उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया.

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इंस्पेक्टर किंड्रे ने बताया कि वारदात के दिन आरिफ खून से सने कपड़ों और हाथों के साथ घर लौटा था. जब सायबा ने उससे पूछताछ की, तो उसने हत्याओं की बात स्वीकार कर ली थी और फिर उसने सबूत मिटाने के लिए मौका-ए-वारदात में घुसने में उसकी मदद की थी.

पुलिस अफसर ने बताया कि इसके बाद आरोपी दंपत्ति एक रिश्तेदार के घर भाग गए और बाद में अपने गृहनगर चले गए थे, जहां उन्होंने अपनी पहचान छिपाई थी. जांच में यह भी पता चला कि महिला ने अपने पति को पीड़ितों से चुराए गए चांदी के सिक्के बेचने में मदद की थी. उन सिक्कों को पिघलाकर प्रयागराज के एक जौहरी को बेच दिया गया था.

पुलिस के मुताबिक, सायबा अंसारी को गिरफ्तार करने के लिए महिला इकाई सहित एक विशेष पुलिस दल को उत्तर प्रदेश भेजा गया था. पुलिस अधिकारी ने बताया कि सायबा को 21 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है.

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