
भारत के मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर अर्शदीप सिंह गिल उर्फ अर्श डाला को आखिरकार कनाडा की अदालत ने जमानत दे दी. उसे वहां की अदालत ने 30 हजार डॉलर की जमानत राशि के बदले रिहा करने का आदेश दिया है.
अर्श डाला को जमानत दिए जाने के बाद अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 फरवरी 2025 का दिन तय किया है. आपको बता दें कि अर्शदीप सिंह गिल उर्फ अर्श डाला भारत में विभिन्न आपराधिक गतिविधियों के लिए वांछित था, बहुत लंबे समय से खुफिया एजेंसियों की नजर में भी है.
कनाडा पुलिस ने देश में हुई गोलीबारी के सिलसिले में अर्श को गिरफ्तार कर लिया था. अर्श डाला 2023 में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से प्रतिबंधित खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) का नेतृत्व कर रहा है.
हरदीप निज्जर के करीबी सहयोगी अर्श डाला ने अपने स्लीपर सेल नेटवर्क के जरिए पंजाब में कई लक्षित हत्याओं को अंजाम दिया. एनआईए के मुताबिक, दोनों प्रमुख हस्तियों की हत्याओं में शामिल था. साल 2022 में डाला और निज्जर डेरा सच्चा सौदा के सदस्य मनोहर लाल की हत्या से जुड़े थे.
साल 2024 में डाला ने पंजाब में एक कांग्रेस नेता की हत्या के लिए सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली थी. निज्जर की मौत के बाद, दल्ला ने KTF को अपने कब्जे में ले लिया.
इस संगठन की स्थापना जगतार सिंह तारा ने 2011 में की थी. तारा पहले बब्बर खालसा इंटरनेशनल आतंकवादी संगठन से जुड़ा था और 1995 में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या में शामिल था.