
नफरत में अंधे कुछ सिरफिरों ने एक लड़के के साथ भोपाल में जो कुछ किया, वो एक वायरल वीडियो की शक्ल में हर किसी ने देखा. लेकिन अब बारी इन सिरफिरों का हिसाब चुकता करने की है. मामला सामने आने के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में है और एक-एक कर पट्टा कांड के सारे गुनहगारों पर शिकंजा कस रही है. पुलिस ने फिलहाल इस कांड के सभी के सभी छह आरोपियों को धर दबोचा है, जबकि वारदात के एक आरोपी समीर का घर मिट्टी में मिला दिया गया है.
ऐसे खुली पुलिस की नींद
राज्य सरकार के हरकत में आने के बाद मंगलवार को इस मामले के पीड़ित लडके ने भी हिम्मत जुटा कर अपनी आपबीती सुनाई. उसने बताया कि पट्टा कांड के गुनहगारों ने उस रात उसके साथ क्या कुछ किया था. लेकिन ये तो रही वारदात की बात, हद तो तब हो गई जब पीड़ित अपने साथ हुई ज्यादती की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचा और भोपाल पुलिस बजाय इस मामले को गंभीरता से लेने उल्टा उसी लड़के की खिल्ली उड़ाने लगी.
पीड़ित खुद वायरल किया था अपना वीडियो
वो तो जब लड़के ने खुद ही अपने साथ हुई ज्यादती का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया और अलग-अलग संगठनों ने विरोध की आवाज बुलंद की, तब जाकर शासन का आदेश आया और पुलिस की नींद खुली.
आरोपी नहीं, एक बुजुर्ग का था तोड़ा गया मकान
हालांकि अब शासन ने जब एक आरोपी का मकान तोड़ दिया है, तो एक नई कहानी सामने आ गई है. एक बुजुर्ग ने खुद को मकान मालिक बताते हुए ये कहा है कि उनका कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने आरोपी लड़के की मां और उसे मुसीबत में अपने घर पनाह दी थी. लेकिन उसके बेटे की करतूत के बदले में उसका मकान तोड़ कर उसे सजा दे दी गई.
मामले को लेकर सिसायत गर्म
जाहिर है मामला हिंदू मुस्लिम और धर्मांतरण से जुड़ा है, तो इस पर सियासत तो होनी है. खूब बयानबाजी भी हो रही है. इस मामले में राज्य सरकार के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सख्त तेवर अपनाए हैं. जाहिर है, अभी इस मामले में राजनीति रस्साकशी आगे भी चलती रहेगी, लेकिन भोपाल के चंद सिरफिरों की करतूत ने लोगों को सोचने पर मजबूर जरूर कर दिया है.