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सुशांत सिंह राजपूत केसः वो किरदार जिनसे जुड़े हुए हैं CBI जांच के तार

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच कुछ खास लोगों के इर्द-गिर्द ही घूम रही है. वही लोग इस कहानी के अहम किरदार हैं. जिनके बयान और गवाही सुशांत की मौत का सच दुनिया के सामने ला सकती है.

CBI सुशांत की मौत से जुड़ा हर पहलू खंगाल रही है (फाइल फोटो) CBI सुशांत की मौत से जुड़ा हर पहलू खंगाल रही है (फाइल फोटो)
परवेज़ सागर
  • नई दिल्ली,
  • 25 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 4:12 PM IST
  • सीबीआई की SIT कर रही है जांच
  • केस के हर पहलू पर है SIT की नजर
  • SIT दर्ज कर चुकी है कई लोगों के बयान

देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई की टीम सुशांत सिंह राजपूत की मौत का सबब तलाश कर रही है. वो इस केस के हर पहलू को बारीकी से खंगाल रही है. इस मामले की जांच कुछ खास लोगों के इर्द-गिर्द ही घूम रही है. वही लोग इस कहानी के अहम किरदार हैं. जिनके बयान और गवाही सुशांत की मौत का सच दुनिया का सामने ला सकती है. कौन हैं वो लोग, उन्हीं के बारे में हम एक-एक कर आपको बताने जा रहे हैं.

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जूस देने वाला सुशांत का कुक नीरज
नीरज इस पूरे मामले में शुरू से अंत तक काफी अहम है. क्योंकि वो मौका-ए-वारदात पर मौजूद था. वो इस मामले का चश्मदीद भी है. नीरज से मुंबई पुलिस और बिहार पुलिस ने भी पूछताछ की थी. अब सीबीआई ने भी उससे लंबी पूछताछ की है. नीरज के मुताबिक सुशांत सिंह राजपूत 14 जून की सुबह 6:30 बजे उठे थे. सुबह 9:30 बजे उन्होंने अपनी बहन से फोन पर बात की थी. इसके बाद सुशांत ने अपने एक दोस्त को भी फोन किया था. करीब 10:30 बजे सुशांत अपने कमरे से बाहर आए थे. नीरज के मुताबिक वो सामान्य और शांत दिख रहे थे. वो बाहर आए और जूस लिया और फिर वापस अपने कमरे में लौट गए. वो नीरज ही था, जो कुछ देर बाद उनसे लंच के बार में पूछने गया तो सुशांत का कमरा नहीं खुला था. उस वक्त वहां दूसरा कुक दीपेश, हाउसकीपर और सुशांत का दोस्त भी मौजूद था.

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सुशांत का दोस्त सिद्धार्थ पिठानी
इस कहानी में सुशांत का दोस्त सिद्धार्थ पिठानी भी एक अहम किरदार है, ये वो शख्स है जो सुशांत के साथ ही रहता था. इसी ने नीरज और दूसरे दो स्टाफ मेंबर की मौजूदगी में सुशांत की लाश को फंदे से नीचे उतारा था. मुंबई पुलिस ने भी सिद्धार्थ से देर तक पूछताछ की थी. अब वो सीबीआई के लिए एक अहम कड़ी है. हैरानी की बात ये है कि सीबीआई नीरज और सिद्धार्थ से कई राउंड की पूछताछ कर चुकी है. लेकिन सिद्धार्थ के बयान नीरज से अलग नजर आ रहे हैं. सिद्धार्थ की कई बातें हैं, जो नीरज के बयान से बिल्कुल भी मेल नहीं खाती हैं. लिहाजा मामला सिद्धार्थ के बयान पर आकर थोड़ा उलझता नजर आ रहा है.

दरवाजे का ताला खोलने वाला की-मेकर
इस कहानी में चाबी बनाने वाला भी एक अहम शख्स है, जिससे सीबीआई पूछताछ कर रही है. इस किरदार का नाम है मोहम्मद रफी शेख. ये वही की-मेकर था, जिसने सुशांत के कमरे के दरवाजे का कंप्रेस की वाला लॉक खोला था. चाबी बनाने वाले रफी ने आजतक के खुफिया कैमरे पर पर खुलासा किया कि उसे दरवाजे का लॉक खोलने के लिया बुलाया गया था. उस वक्त वहां 4 लोग मौजूद थे. लेकिन कोई परेशान या घबराया हुआ नहीं था. उसने वक्त लगाकर दरवाजे का लॉक खोला और दरवाजा खुलते ही उन चारों ने उसे वहां से फौरन चले जाने के लिए कह दिया था. वो ये भी नहीं देख पाया कि कमरे में क्या था या कौन था. लेकिन लॉक खोलने के एक घंटे बाद उसे वापस बुलाया गया था. 

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पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर
इस मामले में सीबीआई की टीम की लिस्ट में सुशांत का दोस्त सिद्धार्थ पिठानी, कुक नीरज, स्टाफ दीपेश तो अहम हैं ही. साथ ही सुशांत का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी सीबीआई की लिस्ट में हैं. दरअसल, सुशांत के परिवार ने उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाए थे. यही वजह है कि अब सीबीआई उन डॉक्टरों से पूछताछ कर रही है, जिन्होंने सुशांत का पोस्टमॉर्टम किया था. हालांकि उनके जवाबों से सीबीआई संतुष्ट नहीं है. इन डॉक्टरों की भूमिका इस केस में खास है. जिससे इनकार नहीं किया जा सकता.

रिया चक्रवर्ती और उसका परिवार
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद सबसे ज्यादा चर्चित कोई नाम है, तो वो है रिया चक्रवर्ती का. इस मामले में रिया पर लगातार उंगलियां उठ रही हैं. उसी के खिलाफ सुशांत के पिता केके सिंह राजपूत ने पटना में मुकदमा दर्ज कराया था. रिया के साथ-साथ उसके परिवार के लोग भी उस एफआईआर में नामजद हैं. सुशांत की जिंदगी में रिया का बहुत दखल था. यहां तक कि वो उसी के साथ रहती थी. 8 जून को वो सुशांत का घर छोड़कर चली गई थी. इसी के बाद 14 जून को सुशांत की मौत हो गई. आरोप है कि रिया सुशांत को ब्लैकमेल करती थी. उसने सुशांत का करोड़ों रुपया अपने और अपने परिवार के लिए खर्च कर दिया. यहां तक कि सुशांत कब और किससे मिलेगा, किससे बात करेगा, ये सब रिया तय करती थी. सीबीआई की लिस्ट में उसका नाम सबसे ऊपर नजर आता है. बता दें कि रिया को सुशांत करीब सात साल से जानते थे. दोनों की पहली मुलाकात 2013 में मुंबई के एक स्टूडियो में हुई थी. तब सुशांत यशराज फिल्म के बैनर तले बनने वाली फिल्म शुद्ध देसी रोमांस की शूटिंग कर रहे थे. जबकि बराबर के ही स्टूडियो में रिया चक्रवर्ती मेरे डैड की मारुति फिल्म की शूटिंग कर रही थीं. इसके बाद दोनों की मुलाकात कुछ फिल्मी पार्टियों में भी हुई थी. तब सुशांत अंकिता लोखंडे के साथ लिव-इन में रहते थे.

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सुशांत का सीए और पूर्व अकाउंटेंट
सीए और पूर्व अकाउंटटेंट इसलिए अहम हैं क्योंकि उन दोनों को ही अभिनेता सुशांत के सारे लेन-देन की जानकारी है. वहीं दोनों सुशांत की कंपनी और काम के सिलसिले में आने वाली और जाने वाली रकम का ब्यौरा रखते थे. वैसे भी सुशांत के परिवार का इल्जाम है कि रिया और उसके परिवार ने सुशांत के खाते से करोड़ों रुपये इधर-उधर ट्रांसफर किए हैं. जबकि सुशांत के सीए ने अपने बयान में कहा कि रिया ने कुछ पैसे तो खर्च किए हैं लेकिन उनके अकाउंट में किसी तरह का बड़ा ट्रांसफर नहीं किया गया है. ऐसे में मामला थोड़ा पेचीदा हो जाता है. इन दोनों से पूछताछ सीबीआई के लिए बहुत अहम है.

सुशांत का इलाज करने वाले मनोचिकित्सक
अभिनेता की संदिग्ध मौत के मामले में उनके साइकेट्रिस्ट का बयान बहुत मायने रखता है. सीबीआई जानती है कि सुशांत की परेशानी और चिंता का आधार जाने बिना मामले को सुलझाना आसान नहीं है. इसलिए यह जानना जरूरी है कि सुशांत को कौन सी चिंता थी, जिसकी वजह से वो अवसाद का शिकार हो गए थे. शुरुआती जांच में इस बात का खुलासा भी हुआ था कि रिया लगातार सुशांत को इसी बात का हवाला देकर ब्लैकमेल करती थी कि वो उसकी मनोचिकित्सकीय जांच रिपोर्ट और इलाज की बात मीडिया को बता देगी. लोग उसे पागल समझ लेंगे. कोई काम भी नहीं देगा. लिहाजा, सुशांत का इलाज करने वाले मनोचिकित्सकों से भी सीबीआई पूछताछ कर रही है. सीबीआई इस बात का पता लगाना चाहती है कि आखिर वो कौन सी वजह थी, जिसने सुशांत को आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया.

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मौका-ए-वारदात पर पहुंचने वाले पुलिसवाले
सुशांत की मौत की खबर मिलने के बाद पहली बार मौका-ए-वारदात पर पहुंचने वाले और बाद में जांच को आगे बढ़ाने वाले पुलिसवालों के बयान भी अहम हो सकते हैं. क्योंकि मुंबई पुलिस ने मौके पर जाकर पंचनामे के बाद वो कमरा सील कर दिया था, जिसमें सुशांत की मौत हुई थी. लेकिन हैरानी की बात ये थी कि वो कमरा 16 जून को फिर से खोल दिया गया था. हालांकि मुंबई पुलिस ने सुशांत की मौत, मौत की वजह और दूसरे सबूतों के बारे में अपने स्तर पर जो जांच की थी, उसकी जानकारी सीबीआई ने हासिल कर ली है. सुशांत की मौत के बाद पुलिस ने उनके मोबाइल और लैपटॉप की जांच की थी. जिसमें खुलासा हुआ था कि वो अपने बारे में गूगल पर सर्च कर रहे थे. और वो कुछ बीमारियों के बारे में भी सर्च कर रहे थे. मुंबई पुलिस ने 13 और 14 जून की रात सुशांत के घर में किसी पार्टी के होने की बात से भी इनकार कर दिया था. मुंबई पुलिस ने 16 जून को सुशांत के पिता और उनकी तीन बहनों के अलावा उनके बहनोई के भी बयान दर्ज किए थे. 

सुशांत सिंह राजपूत का परिवार
इस केस में सुशांत सिंह राजपूत का परिवार कितना अहम है, ये बताने की जरूरत नहीं है. परिवार ने ही सबसे पहले इस बात का खुलासा किया था कि रिया कैसे सुशांत को परेशान करती थी. उस पर रोक-टोक करती थी. सुशांत के पिता केके सिंह राजपूत और तीनों बहनों से मुंबई पुलिस ने भी पूछताछ की थी. उनके एक बहनोई से भी उस वक्त पूछताछ की गई थी. अब मामला सीबीआई के पास है. जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. ऐसे में मुंबई में रहने वाली सुशांत की बहन मीतू सिंह और श्वेता सिंह समेत तीनों बहनों के बयान अहम हैं. सुशांत का अपनी बहनों से बहुत लगाव था. ये बात सभी जानते हैं. लिहाजा सीबीआई के लिए उनके परिवार के बयान बहुत मायने रखते हैं.

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