
मुंबई के एंटीलिया केस और मनसुख हिरेन हत्याकांड में मुंबई पुलिस के एक और अधिकारी को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. पुलिस इंस्पेक्टर सुनील माने को मुंबई पुलिस ने बर्खास्त कर दिया है.
इससे पहले तीन पुलिस अधिकारियों को विभाग ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है. जिनमें माने को एनआईए ने एंटीलिया विस्फोटक मामले और मनसुख हिरेन हत्याकांड के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था. घटना के समय पुलिस निरीक्षक सुनील माने कांदिवली में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा इकाई का नेतृत्व कर रहा था.
इससे पहले माने से महाराष्ट्र एटीएस ने भी पूछताछ की थी, जो मनसुख हिरेन की हत्या के मामले की जांच कर रही थी. बाद में एंटीलिया विस्फोटक मामले और मनसुख हिरेन मर्डर की कड़ियों को जोड़ा गया. फिर इस मामले की जांच एनआईए ने अपने कब्जे में ले ली थी.
इन दोनों मामलों में इंस्पेक्टर सुनील माने से पहले एपीआई सचिन वाजे, एपीआई रियाज काजी और पुलिस कांस्टेबल विनायक शिंदे को भी मुंबई पुलिस सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है.
पुलिस इंस्पेक्टर सुनील माने की बर्खास्तगी को लेकर मुंबई पुलिस ने एक बयान में कहा कि मुंबई पुलिस की लोकल आर्म्स में तैनात पुलिस इंस्पेक्टर सुनील धर्म माने को तत्काल प्रभाव से पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. ग्रेटर मुंबई के पुलिस आयुक्त ने मंगलवार को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(बी) के प्रावधान के तहत इस संबंध में आदेश जारी किया है.
ये था मामला
बता दें कि बीती 25 फरवरी को मुंबई में एंटीलिया के बाहर खड़ी की गई एक संदिग्ध स्कॉर्पियो कार में 20 जिलेटिन की छड़ें और धमकी भरा पत्र मिला था. इसी कड़ी में 5 मार्च को एंटीलिया के बाहर मिली कार के मालिक मनसुख हिरेन की लाश ठाणे के पास एक नाले में मिली थी. हत्या से ठीक पहले मनसुख को कांदिवली क्राइम ब्रांच यूनिट के एक सिपाही का फोन आया था.