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मुंबई की कंपनी ने किया हजारों करोड़ का बैंक फ्रॉड, CBI ने दिल्ली, नोएडा सहित कई ठिकानों पर मारे छापे

सीबीआई ने मुंबई की एक कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर कार्रवाई को अंजाम दिया है. आरोप है कि कंपनी के निदेशकों, एमडी सहित अन्य पर 4 मामले दर्ज किए हैं. इसी के साथ छापेमारी में 90413 अमेरिकी डॉलर और 1.99 करोड़ रुपए बरामद हुए हैं. यह मामला बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़ा है.

हजारों करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप. (Representational image) हजारों करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप. (Representational image)
दिव्येश सिंह
  • मुंबई,
  • 12 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 10:46 PM IST

मुंबई की कंपनी ने हजारों करोड़ का बैंक फ्रॉड किया है. सीबीआई ने इस मामले में कंपनी के निदेशकों और गारंटरों सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी के चार केस दर्ज किए. शिकायत में कहा गया है कि कंपनी ने हेराफेरी कर 4957.31 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है. सीबीआई ने दिल्ली, मुंबई के कई ठिकानों पर छापेमारी भी की. इस दौरान 90413 अमेरिकी डॉलर के साथ ही 1.99 करोड़ रुपए बरामद किए गए. 

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मुंबई स्थित एक निजी कंपनी और उसके 4 निदेशकों व गारंटरों सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है. यह कार्रवाई बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर की गई है. शिकायत में कहा गया है कि बैंक ऑफ बड़ौदा के नेतृत्व वाले 17 बैंकों के संघ को 4957.31 करोड़ रुपए का चूना लगाया गया. 

छापेमारी के दौरान बरामद की गई राशि.

बताया जा रहा है कि कंपनी डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग और कॉम्प्लेक्स का निर्माण, वाटर प्रोजेक्ट, सामूहिक आवास परियोजनाएं, प्रीकास्ट डिजाइन और निर्माण, सड़क निर्माण और शहरी बुनियादी ढांचा जैसे प्रोजेक्ट से जुड़ी थी.

आरोप है कि कर्ज लेने के बाद कंपनी ने उसकी संबंधित पार्टियों और सहायक कंपनियों को पैसा बांटा. इसके बाद इन अग्रिमों को कंपनी द्वारा बट्टे खाते में डाल दिया गया था.

कंपनी ने अपना टर्नओवर बढ़ाने के लिए किया हेरफेर

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यह भी आरोप लगाया गया कि कंपनी ने अपने टर्नओवर को बढ़ाने के लिए फर्जी तरीके से बिक्री और खरीद दर्शाई. इसके अलावा, ऋणदाता बैंकों से क्रेडिट सुविधाओं का फायदा लेने के लिए काम को कथित तौर पर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया.

इसके साथ ही बिना किसी दस्तावेज के बिक्री की बड़ी राशि का लेनदेन किया गया. आरोपियों के मुंबई, दमन, कच्छ, नोएडा और दिल्ली सहित 12 ठिकानों पर तलाशी ली गई. इसी के साथ सहदेव प्रोजेक्ट्स प्रा. लिमिटेड, सहार प्लाजा कॉम्प्लेक्स अंधेरी मुंबई में तलाशी के दौरान 90413 अमेरिकी डॉलर और 1.99 करोड़ रुपए बरामद हुए.

इन कंपनियों पर दर्ज किए गए हैं चार मामले

दरअसल, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आईडीबीआई बैंक लिमिटेड और एक्जिम बैंक की शिकायतों पर सीबीआई ने पीएसएल लिमिटेड नाम की एक निजी कंपनी, इसके निदेशक, एमडी आदि और अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ केस 4 दर्ज किए हैं.

ई-सिंडिकेट बैंक (अब केनरा बैंक) से 30.49 करोड़ रुपये (लगभग) की धोखाधड़ी के आरोप में पहला मामला निजी कंपनी और उसके निदेशकों, एमडी आदि सहित अन्य और अज्ञात लोक सेवकों/अज्ञात अन्य के खिलाफ दर्ज किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उक्त निजी कंपनी जो पाइप निर्माण और पाइप कोटिंग के व्यवसाय में थी, ने ई-सिंडिकेट बैंक से लोन लेकर पैसे को अपनी सहायक कंपनियों में डायवर्ट कर दिया.

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दूसरा मामला ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (अब पंजाब नेशनल बैंक के साथ विलय) से 51.90 करोड़ रुपये के मामले में दर्ज किया गया है. इसमें आरोप है कि उक्त निजी कंपनी ने गेल और एनटीपीसी से प्राप्त कार्य आदेशों को निष्पादित करने के लिए लोन सुविधाओं का लाभ उठाया. ऐसा भी आरोप है कि आरोपियों ने जानबूझकर ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स को सूचित दिए बिना गेल और एनटीपीसी की परियोजनाओं से मिले पैसे की हेराफेरी की.

तीसरा मामला उक्त निजी कंपनी और उसके निदेशकों, एमडी आदि सहित अन्य और अज्ञात लोक सेवकों/अज्ञात अन्य के खिलाफ आईडीबीआई बैंक लिमिटेड को 29.06 करोड़ की हेराफेरी से जुड़ा है. आरोप है कि कंपनी की विभिन्न परियोजनाओं के लिए बैंक से प्राप्त लोन का उपयोग अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया था.

चौथा मामला एक्सपोर्ट इम्पोर्ट बैंक ऑफ इंडिया (एक्जिम बैंक) से 105.92 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में दर्ज किया गया है. आरोप है कि आरोपियों ने कार्यादेश निष्पादित करने के लिए क्रेडिट सुविधाओं का लाभ उठाया, लेकिन बैंक से लिए गए पैसे को जानबूझकर अन्य उद्देश्यों के लिए डायवर्ट किया.

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