
भारतीय सेना की जासूसी मामले में गिरफ्तार भारतीय सेना के नायक परमजीत के बारे में पुलिस ने कई अहम खुलासे किए हैं. पुलिस के मुताबिक, परमजीत 6 मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था. उसने ये सभी फोन ISI के भेजे गए पैसे से खरीदे थे. परमजीत को 9 दिन की दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की रिमांड में भेजा गया है.
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि परमजीत साल 2018 से हबीबुर्रहमान के जरिये पाकिस्तान ISI के लिए काम कर रहा था. जिसके लिए बाकायदा हर महीने पाकिस्तान ISI परमजीत को 50 हजार रुपये महीना भेजती थी. हालांकि लाकडाउन में ISI परमजीत को 20 हजार रुपए भेजने लगी थी.
ये पैसा हर महीने परमजीत की बहन की बैंक एकाउंट में ट्रांसफर किया जाता था. परमजीत को कोर्ट से 9 दिन की क्राइम ब्रांच की रिमांड मिली है. क्राइम ब्रांच को पूछताछ में जरूरी लगा तो हबीबुर्रहमान और परमजीत को पोखरण और आगरा भी लेकर जाएगी. शुक्रवार को मिलिट्री इंटेलिजेंस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों ने परमजीत और हबीबुर्रहमान से कई घंटे पूछताछ भी की.
हबीबुर्रहमान को पोखरण में फिलहाल सेना में मीट सप्लाई करने का टेंडर मिला हुआ था, इसके पहले मिले टेंडर में वह सेना को सब्जी सप्लाई करता था.
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पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करने वाली स्लीपर सेल के खुलासे के लिए दिल्ली पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस का ऑपरेशन जारी है. इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस ने पोखरण से हबीबुर्रहमान को अरेस्ट किया था.
दिल्ली पुलिस ने हबीबुर्रहमान पर ऑफिसियल सीक्रेट एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया है. हबीबुर्रहमान पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करता है.
मिली जानकारी के अनुसार हबीबुर्रहमान पाकिस्तान भी जा चुका है. उसके पास से सेना के बेहद सीक्रेट कई दस्तावेज और आर्मी एरिया का मैप भी बरामद किया गया है. ऐसी जानकारी मिल रही है कि ये दस्तावेज और मैप उसे कोई और नहीं बल्कि सेना के जवान मुहैया कराते थे.
राजस्थान से पकड़ा गया शख्स हबीबुर्रहमान ने पूछताछ में ये बात कबूल की है ये दस्तावेज उसने आगरा में तैनात सेना के जवान परमजीत कौर (Paramjit Kaur) से लिये थे. उसको ये दस्तावेज कमल नाम के एक शख्स को सौंपने थे. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ISI का नेटवर्क कितने अंदर तक फैला हुआ है.