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दस साल से जिसे तलाश रही थी राजस्थान ATS, अब ऐसे पकड़ा गया वो 25 हजार का इनामी आतंकी

इल्जाम है कि मेराजुद्दीन आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था और उसके सिर पर 25,000 रुपये का इनाम रखा गया था. आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) की टीम 10 साल से उसकी तलाश कर रही थी. लेकिन वो हाथ नहीं आ रहा था.

फरार संदिग्ध को ATS की टीम पिछले 10 साल से तलाश कर रही थी फरार संदिग्ध को ATS की टीम पिछले 10 साल से तलाश कर रही थी
aajtak.in
  • जयपुर,
  • 23 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 9:17 PM IST

राजस्थान पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) की एक टीम ने शुक्रवार को दस साल से फरार एक आतंकवादी को गिरफ्तार कर लिया है. उसकी गिरफ्तारी एक मुखबिर से खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई. पकड़े गए आरोपी पर कुछ साल पहले 25 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था.

राजस्थान के अतिरिक्त महानिदेशक (अपराध) दिनेश एमएन ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि AGTF की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गंगापुर सिटी निवासी 31 साल के मोहम्मद मेराजुद्दीन को गिरफ्तार किया है, जो आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था और उसके सिर पर 25,000 रुपये का इनाम था. आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) की टीम 10 साल से उसकी तलाश कर रही थी. लेकिन हाथ नहीं आ रहा था.

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साल 2014 में आतंकियों के स्लीपर सेल की भारत में अलग-अलग जगहों पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना थी. इस मामले में राज्य के सीकर, जोधपुर और जयपुर जिलों से कुल 13 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया था. कुल गिरफ्तार लोगों में से 12 को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

एडीजी ने पीटीआई को जानकारी देते हुए बताया कि 24 जनवरी 2018 को मेराजुद्दीन के सिर पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था. अब एक गुप्त सूचना के आधार पर पता चला था कि आरोपी मेराजुद्दीन गंगापुर सिटी आया था. इस सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम ने उसके निवास और आसपास के इलाकों पर कड़ी नजर रखी और आखिरकार उसे पकड़ ही लिया.

आईपीएस अधिकारी दिनेश एमएन ने बताया कि इसके बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए एटीएस टीम को सौंप दिया गया है. एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि इस दौरान मेराजुद्दीन दिल्ली के ओखला स्थित मरकज और गुजरात और राजस्थान के विभिन्न जिलों में फरारी काट रहा था.

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प्रारंभिक पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया है कि वह और उसके सहयोगी इंडियन मुजाहिदीन और अन्य इस्लामी संगठनों के संपर्क में थे. अधिकारी ने बताया कि साल 2014 में उसने कई जगहों पर आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की योजना बनाई थी, लेकिन उससे पहले ही उसके साथी सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ गए थे.

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