
पश्चिम बंगाल में शिक्षा घोटाला में ईडी जांच के बाद अब सीबीआई भी एक्शन मोड में आ गई है. इस मामले की जांच ईडी के साथ सीबीआई भी कर रही है. सीबीआई ने बुधवार को इस मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी की है. एक तरफ SSC के पूर्व सलाहकार शांति प्रसाद सिन्हा को गिरफ्तार किया गया है तो पूर्व चेयरमैन अशोक साहा भी गिरफ्तार हो गए हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि इस मामले में कोलकाता हाई कोर्ट के निर्देश के बाद से सीबीआई भी जांच में जुटी हुई है. लेकिन क्योंकि ईडी द्वारा ही पार्थ और अर्पिता मुखर्जी की गिरफ्तारी की गई, ऐसे में चर्चा में भी सिर्फ ईडी की ही कार्रवाई रही. लेकिन अब इस केस में सीबीआई ने भी दो लोगों को गिरफ्तार किया है. दोनों ही आरोपियों से पूछताछ की जाएगी और फिर उस आधार पर आगे और भी गिरफ्तारियां होती दिख सकती हैं.
वैसे अभी तक इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा अर्पिता मुखर्जी की हो रही है. उनके पास से जितनी बड़ी संख्या में कैश बरामद हुआ है, करोड़ों का जो सोना मिला है, उस वजह से उनकी और पार्थ चटर्जी की भागीदारी ने सभी का ध्यान खींचा है. अभी तक ईडी ने चार से पांच बार अर्पिता के अलग-अलग घरों पर रेड मारी है. उन रेड में 50 करोड़ के करीब कैश, विदेशी करेंसी, फर्जी कंपनियों के दस्तावेज बरामद किए गए हैं.
हाल ही में ईडी को ये भी जानकारी मिली कि अर्पिता के पास LIC की कुल 31 पॉलिसी थीं, लेकिन सभी में नॉमिनी पार्थ चटर्जी रहे, ऐसे में दोनों की इस पूरे मामले में भागीदारी बड़े स्तर पर मानी जा रही है. अर्पिता तो पूछताछ में कबूल भी कर चुकी हैं कि बरामद हुआ कैश पार्थ का है, लेकिन पूर्व मंत्री अभी तक झुकने को तैयार नहीं हैं. वे इस कैश को अपना नहीं मान रहे हैं. लेकिन ईडी के पास पर्याप्त सबूत हैं, इसी वजह से दोनों पार्थ और अर्पिता अभी जेल में हैं. उन्हें कोर्ट ने भी 18 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज रखा है.